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मानसून में आपदा से निपटने के लिए रुद्रप्रयाग पूरी तरह तैयार, तीन महीने का राशन स्टॉक

 

रुद्रप्रयाग, 3 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मानसून के दौरान किसी भी संभावित आपदा और खाद्य संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला प्रशासन ने न केवल तीन महीने का राशन पहले से ही सभी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों तक पहुंचा दिया है, बल्कि यात्रा मार्गों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और आपदा प्रभावित इलाकों के लिए भी खाद्य सामग्री, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण किया गया है।

जिला आपूर्ति अधिकारी के. एस. कोहली ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि मानसून को देखते हुए शासन की ओर से तीन महीने के राशन का अग्रिम आवंटन जारी किया गया था। इस आवंटन को गोदामों से उठाकर जिले की करीब 340 राशन दुकानों तक पहुंचा दिया गया है। अब राशन विक्रेता उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का राशन वितरित कर रहे हैं, ताकि भारी बारिश या सड़कें बंद होने की स्थिति में लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि प्रशासन की तैयारियां सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के लिए भी तीन महीने के अग्रिम राशन आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और इसके लिए अभी से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में आवश्यक खाद्य सामग्री की कमी न हो।

के. एस. कोहली ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग को ध्यान में रखते हुए जिले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इन सभी सेक्टरों में करीब दो महीने का अतिरिक्त राशन पहले से ही सुरक्षित रखा गया है। यह राशन किसी भी आपदा, सड़क बंद होने या यात्रा प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा।

इसके अलावा, जिन स्थानों पर भूस्खलन की आशंका अधिक रहती है और जहां अक्सर सड़कें बाधित हो जाती हैं, वहां यात्रियों के लिए पानी और सूखे नाश्ते भी पहले से रखे गए हैं। यदि खराब मौसम के कारण यात्रियों को किसी स्थान पर रोकना पड़ता है, तो उन्हें आवश्यक भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने यात्रा मार्ग पर कुछ होल्डिंग एरिया विकसित करने का भी निर्णय लिया है। इन स्थानों पर यात्रियों के लिए भोजन, जलपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन इन स्थानों पर पहले से ही खाद्य सामग्री और जरूरी सामान का भंडारण करेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दी जा सके।

उन्होंने बताया कि अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के सहयोग से खाद्य सामग्री का अतिरिक्त स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। इससे आपदा के समय राहत कार्यों में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी जरूरी सामान आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। के. एस. कोहली ने कहा कि जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। वहीं, पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों में सुरक्षित रखा गया है। आपदा की स्थिति में इन आरक्षित भंडारों का उपयोग किया जाएगा, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस