मानसा में झोटा हत्याकांड पर सियासत तेज, अकाली दल ने पंजाब बंद का किया समर्थन
चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर शिरोमणी अकाली दल ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु-दोखी' तक कह दिया।
मजीठिया ने दो अलग-अलग पोस्ट की। मजीठिया ने पहली पोस्ट में लिखा, "गुरु-दोखी भगवंत की गलत नीतियों के कारण मानसा के दो हीरे इस दुनिया से चले गए—सिद्धू मूसेवाला और परविंदर सिंह झोटा। झोटा चीख-चीख कर कहता रहा कि नशा सरेआम बिकता है, सरकार बिकवा रही है, पर उस समय सीएम भगवंत मान की इंटेलिजेंस सोई पड़ी थी, क्योंकि पुलिस का एसएसपी लाडला लगाया हुआ था।"
मजीठिया ने सरकार की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब ध्यान भटकाने के लिए कातिल का मकान-दुकान तोड़ा गया है, ताकि धरने से और इस घटना से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस तरह के कई और ड्रामे करेगी।
बॉर्डर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि इसका बड़ा ड्रामा किया गया था, लेकिन उसे चलाने वाला ही तस्करों से मिल गया। पोस्ट के अंत में उन्होंने ऐलान किया कि शिरोमणि अकाली दल गुरुवार को हो रहे पंजाब बंद का पूर्ण समर्थन करता है।
दूसरी पोस्ट में मजीठिया ने पंजाब में नशे से हो रही मौतों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि पंजाब से दर्द, आंसू और दिल हिला देने वाले मंजर लगातार सामने आ रहे हैं और ये रुकने का नाम नहीं ले रहे।
उन्होंने अजनाला के सुल्तान महल गांव के प्रभजोत का उदाहरण देते हुए कहा कि वह नशे की भेंट चढ़ गया। प्रभजोत के चाचा ने आरोप लगाया कि विधायक कुलदीप धालीवाल नशा तस्करों का खुलकर समर्थन करता है और उन्हें इलाके में नशा बेचने में मदद करता है।
मजीठिया ने कहा कि परविंदर झोटा के कत्ल, जो नशा बेचने वाली केमिस्ट की दुकान से जुड़ा है, से लेकर गुलजार सिंह की खुदकुशी, नशे पर सवाल पूछने पर मोहनजीत शेरों पर बेरहमी से तशद्दद और अब प्रभजोत की मौत तक, पंजाब का यह दुखांत जारी है।
उन्होंने सवाल उठाया, "यह सरकार नशे की भेंट और कितनी जानें चढ़ाएगी?" उन्होंने कहा कि मानसा की सड़कों पर और पूरे पंजाब में जनता का गुस्सा फूट रहा है और मुख्यमंत्री भगवंत मान को हर लाश का हिसाब देना पड़ेगा।
--आईएएनएस
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