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मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में किया 'कश्मीर साहित्य महोत्सव' का उद्घाटन, सकारात्मक विमर्श पर जोर

 

श्रीनगर, 30 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर में 'कश्मीर साहित्य महोत्सव' के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साहित्यकारों को सकारात्मक विमर्श बनाने और सच्चे इतिहास को विश्व पटल पर रखने की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर 'कश्मीर साहित्य महोत्सव' उद्घाटन की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज मैंने श्रीनगर में ‘कश्मीर साहित्य महोत्सव’ के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। मैंने लेखकों से आग्रह किया कि वे फिक्शन, नॉन-फिक्शन और अन्य रचनात्मक माध्यमों के जरिए सकारात्मक विमर्श को आकार दें और लोगों को प्रेरित करें; क्योंकि लेखक की कला केवल शब्दों में ही नहीं, बल्कि लोगों की धड़कनों में भी जीवित रहती है।"

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, "हमें औपनिवेशिक मानसिकता के हर निशान को मिटा देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेशों में लोग अपने हितों को साधने के लिए हमारे इतिहास और वर्तमान को तोड़-मरोड़कर पेश न करें। ऐसी गलतियों को सुधारना और वैश्विक पाठकों तक सच्चाई पहुंचाना लेखकों की जिम्मेदारी है।"

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि साहित्य सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और सच्चाई को उजागर करने का शक्तिशाली हथियार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेखकों को अब औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होकर भारत की वास्तविक कहानी दुनिया के सामने लानी चाहिए।

‘कश्मीर साहित्य महोत्सव’ का यह तीसरा संस्करण कश्मीर घाटी में साहित्य, संस्कृति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। महोत्सव में देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक और बुद्धिजीवी भाग ले रहे हैं।

मनोज सिन्हा ने साहित्यकारों से अपील की कि वे युवा पीढ़ी को प्रेरित करने वाली रचनाएं लिखें, जो न सिर्फ साहित्यिक मूल्य रखती हों बल्कि सामाजिक सद्भाव, विकास और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि आज का समय साहित्य को नई ऊर्जा और नई जिम्मेदारी देने का है।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम