'मन की बात' में पीएम मोदी ने कश्मीर की पारंपरिक 'वगू' चटाई का किया जिक्र, गुलाम हुसैन और तंजीला की सराहना की
नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात" 136वें एपिसोड में कश्मीर की पारंपरिक चटाई वगू पर चर्चा की। इसके साथ ही इस चटाई बनाने की परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी की तारीफ की।
जब हुनर भी हो और कुछ करने का जज्बा भी हो, तो हर राह आसान हो जाती है। कश्मीर की पारंपरिक चटाई 'वगू' को लेकर आज जो प्रयास हो रहे हैं, उसमें इसी की झलक मिलती है। इसे सरकंडे और धान के पुआल, घास से से तैयार किया जाता है। इस चटाई को बनाने की परंपरा बरसों पुरानी है। इसके लिए कश्मीर के दलदली इलाकों की घास और सरकंडे की कटाई की जाती है। धूप में सुखाने के बाद छंटाई होती है और फिर शुरू होता है हाथों से बुनाई का काम। दो कारीगरों को एक चटाई बनाने में करीब 4 दिन लगते हैं। यह चटाई अनूठी भी है और इकोफ्रेंडली भी है। एक बड़ी खासियत यह है कि आपको गर्मियों में इससे ठंडक और सर्दियों में गर्माहट मिलेगी।"
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "पहले वगू चटाई हर घर में दिखती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसका उपयोग कम होने लगा था। श्रीनगर के गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला ने एक संकल्प लिया। दोनों 'वगू' क्राफ्ट की परंपरा को एक नया जीवन देने में जुट गए। गुलाम हुसैन बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं, उनको इस काम में कई तरह की चुनौतियों का सामना भी किया। लेकिन वगु के सरंक्षण का उनका संकल्प अडिग था। देखते-देखते ही उनके इस प्रयास से बहुत सारे लोग जुड़ते चले गए।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "गुलाम हुसैन ने इस कौशल को खूभ बढ़ाया। अपने मिशन में स्थानीय स्तर पर सरकारी सहयोग भी मिला। आज तेजी से लोकप्रिय हो रहा वगु देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंच रहा है। मुझे इस प्रयास से जुड़े सभी लोगों पर गर्व है। आज सभी का लोकल फॉर वोकल जोर है। हम लोकल फॉर वोकल के मंत्र को लेकर चल रहे हैं। ऐसे में कश्मीर का वगु भी आपके घर का हिस्सा बने, इस पर एक बार जरूर सोचिएगा।"
--आईएएनएस
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