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मन की बात : पीएम मोदी ने देशवासियों के प्रयासों को सराहा, नेताओं ने बताया प्रेरणास्रोत

 

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड को लेकर रविवार को देशभर में उत्साह देखने को मिला। दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश तक भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से कार्यक्रम सुना। इस दौरान नेताओं ने ‘मन की बात’ को देशवासियों के प्रयासों, सकारात्मक बदलावों और समाज के विभिन्न वर्गों की उपलब्धियों को सामने लाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे अच्छे कार्यों और आम नागरिकों के योगदान को देश के सामने रखते हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मन की बात’ को देश के 140 करोड़ नागरिकों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के माध्यम से बताते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में किस तरह अच्छे काम हो रहे हैं, लोगों के प्रयासों से समाज को कैसे लाभ मिल रहा है और भारत किस प्रकार आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार समाज के हर वर्ग और समुदाय को जोड़ते हैं। उनकी बातें लोगों को नई जानकारी देने के साथ ही अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने दिल्ली की जनता की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह लगातार ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाते हैं, जिनसे देशवासियों को प्रेरणा मिलती है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि रविवार के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न यानी मिलेट्स का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने वाल्मीकि जयंती की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में भी वाल्मीकि जयंती के अवसर पर बड़े आयोजन की तैयारी है। इस दौरान वाल्मीकि समाज का आशीर्वाद लिया जाएगा और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों से संवाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों के विकास के लिए आगे भी काम किया जाएगा।

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि लोग हर महीने बड़े उत्साह के साथ ‘मन की बात’ सुनते हैं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय महत्व के सकारात्मक विषयों, बदलते भारत की कहानियों और आम लोगों के वास्तविक जीवन के अनुभवों पर चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सीधे देशवासियों को बताते हैं कि भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक किस तरह सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह आम लोगों के प्रयासों और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है।

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने बताया कि उन्होंने पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्यमंत्री पवित्र मार्गेरिटा, पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के निवासियों के साथ ‘मन की बात’ का 139वां एपिसोड सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देशवासियों की सामूहिक शक्ति का सम्मान करने और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाने का माध्यम है। इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देता है। बांसुरी स्वराज ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की ओर से गांधी जयंती पर खादी उत्पादों की बिक्री का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दिन खादी उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही। उन्होंने इसे देश में खादी के प्रति बढ़ते आकर्षण और लोगों की भागीदारी का उदाहरण बताया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देशभर के लोग हर महीने के आखिरी रविवार का इंतजार करते हैं, क्योंकि इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के 140 करोड़ नागरिकों से संवाद करते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का 139वां एपिसोड अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 201 पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन के सदस्यों ने सुना। इस अवसर पर भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी भी मौजूद रहीं, जो पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंची थीं।

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री हर महीने देश और विदेश में हो रही ऐसी घटनाओं की जानकारी देते हैं, जिनके बारे में आम लोगों को अक्सर पता नहीं होता। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ का कोई राजनीतिक पहलू नहीं है। यही इसकी विशेषता है। छत्तीसगढ़ में हर बूथ पर इस कार्यक्रम को सुनने की व्यवस्था की जाती है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री ने भी अपने-अपने बूथों पर कार्यक्रम सुनने के बाद पार्टी कार्यालय में सामूहिक रूप से इसे सुना।

उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि लोगों ने ‘मन की बात’ को बहुत उत्साह के साथ सुना। उन्होंने बताया कि भाजपा मुख्यालय में भी कार्यक्रम के दौरान काफी उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम केवल उनके विचारों को साझा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों और समाज के अन्य वर्गों के विचारों तथा योगदान को भी महत्व दिया जाता है।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम