मन की बात: जल संरक्षण पर दोहराया संकल्प, पीएम मोदी ने त्रिपुरा-तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के गांवों के प्रयासों को सराहा
नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जल संरक्षण के अपने संकल्प को दोहराने की अपील की है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि पिछले 11 साल में 'जल संचय अभियान' ने लोगों को बहुत जागरूक बनाया है और जल संकट से निपटने के लिए गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर भी प्रयास होने लगे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान कहा, "मेरे प्यारे देशवासियो, देश के कई हिस्सों में गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है, यानि ये समय जल संरक्षण के अपने संकल्प को फिर से दोहराने का है। पिछले 11 सालों में 'जल संचय अभियान' ने लोगों को बहुत जागरुक बनाया है। इस अभियान के तहत देश-भर में करीब 50 लाख कृत्रिम जल संचयन संरचना बनाए गए हैं।"
उन्होंने जल संकट से निपटने के लिए गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर हो रहे प्रयास पर खुशी जताते हुए कहा, "अमृत सरोवर अभियान के तहत भी देशभर में करीब 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। बारिश का मौसम आने से पहले इन सरोवरों की साफ-सफाई भी शुरू हो गई है।"
इस दौरान पीएम मोदी ने त्रिपुरा के वांगमुन गांव, तेलंगाना के मुधिगुंटा गांव और छत्तीसगढ़ के कोरिया के लोगों की तरफ से किए गए प्रयासों की सराहना की।
पीएम मोदी ने बताया कि त्रिपुरा की जंपुई पहाड़ियों में वांगमुन गांव 3000 फीट की ऊंचाई पर बसा है। ये गांव पानी के गंभीर संकट का सामना कर रहा था। गर्मियों के दिनों में गांव के लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते थे। आखिरकार गांव के लोगों ने बारिश की हर बूंद को सहेजने का निर्णय किया। आज वांगमुन गांव के लगभग हर घर में 'रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम' स्थापित हो गया है। जो गांव कभी पानी की कमी से जूझ रहा था, वो जल संरक्षण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "इसी तरह छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भी एक अनोखी पहल देखने को मिली। यहां के किसानों ने एक सरल लेकिन प्रभावशाली विचार पर काम किया। यहां के किसानों ने अपने खेतों में छोटे-छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाएं, जिससे बारिश का पानी खेतों में ही रुकने लगा और धीरे-धीरे वह जमीन के अंदर जाने लगा। आज इस क्षेत्र के 1200 से अधिक किसान इस मॉडल को अपना चुके हैं और गांव का भूजल स्तर बहुत बेहतर हो गया है।"
उन्होंने तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गांव के लोगों के प्रयास के बारे में कहा, "यहां के लोगों ने मिलकर पानी की समस्या दूर की है। गांव के 400 परिवारों ने अपने घरों में सोख गड्ढा बनाया और जल संरक्षण का जन-आंदोलन बना दिया। इससे गांव का भूजल स्तर बेहतर हुआ है, साथ ही प्रदूषित पानी की वजह से होने वाली बीमारियां बहुत कम हो गई हैं।"
--आईएएनएस
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