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मणिपुर में न्यायिक क्षमता बढ़ाने के लिए 2.66 करोड़ रुपए का बजट जारी, बनाए जाएंगे कोर्ट रूम

 

इंफाल, 7 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय ने मणिपुर में न्यायिक क्षमता को बढ़ाने के लिए 2.66 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए न्याय तक आसान पहुंच को बढ़ावा देने के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के तहत एसएनए-एसपीएआरएसएच (एनएसए स्पर्श) के जरिए पैसे का आवंटन किया गया है।

एसएनए-स्पर्श भारत सरकार की एक डिजिटल निधि प्रबंधन प्रणाली है, जो सीएसएस के फंड ट्रांसफर में पारदर्शिता लाती है।

केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए 'न्याय पाना आसान' बनाना। न्याय विभाग ने राज्य की न्यायिक क्षमता को बढ़ाने के लिए सीएसएस के तहत एसएनए-एसपीएआरएसएच के जरिए वित्त वर्ष 2025-26 में मणिपुर को 2.66 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

मंत्रालय की ओर से एक और पोस्ट में लिखा गया, "विवादों को तेजी से सुलझाने के लिए कोर्ट रूम बनेंगे। जिससे लोगों के लिए कानूनी व्यवस्था तक पहुंचना आसान होगा।

मणिपुर में स्थायी शांति के लिए बातचीत और हिंसा रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास को लेकर मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने 4 जुलाई को कहा था कि हिंसा रोकने और लोगों व चुने हुए प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश की गई है। उन्होंने दोहराया था कि संघर्ष से जूझ रहे राज्य में स्थायी शांति बहाल करने का एकमात्र तरीका बातचीत ही है।

मुख्यमंत्री ने मणिपुर भाजपा के पूर्व विधायक और अनुभवी आदिवासी नेता वुंगजागिन वाल्टे की अंतिम संस्कार में भाग लिया था। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार चुराचांदपुर में किया गया था। दिवंगत नेता के आवास पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा था कि मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है और राज्य के समग्र विकास के लिए स्थायी शांति आवश्यक है।

मणिपुर में शांति बहाल करने के रोडमैप के बारे में जब मुख्यमंत्री से पूछा गया तो मुस्कुराते हुए सीएम ने कहा था, "आपकी मुस्कान शांति का रास्ता है।"

3 मई 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद खेमचंद सिंह कुकी-जो आदिवासी बहुल चुराचांदपुर जिले का दौरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री भी बने। ​

--आईएएनएस

एसडी/वीसी