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मणिपुरः भारतीय सेना ने लेइमाखोंग के एक गांव में 10 हजार लीटर जल भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराई

 

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। 'ऑपरेशन सद्भावना' के तहत 'मिलिट्री सिविक एक्शन' (नागरिक-सैन्य सहयोग) के हिस्से के रूप में भारतीय सेना के 'रेड शील्ड डिवीजन' ने 16 अक्टूबर को मणिपुर के लेइमाखोंग स्थित एक गांव में 10,000 लीटर की जल भंडारण सुविधा उपलब्ध कराई। इससे लगभग 35 परिवारों को लाभ मिला है। इस सुविधा से गांव के लोगों को पानी जमा करने में मदद मिलेगी, जिससे पानी की कमी की पुरानी समस्या दूर होगी और पानी का बहाव कम होने पर भी वे अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकेंगे।

पर्याप्त भंडारण न होने के कारण गांव के लोग पूरी तरह से पानी के निरंतर बहाव पर निर्भर थे। सूखे के मौसम में जब पानी का बहाव काफी कम हो जाता था, तो लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता था और अक्सर पानी लाने के लिए दूर तक पैदल जाना पड़ता था। एक व्यावहारिक और स्थायी समाधान की जरूरत को समझते हुए भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सद्भावना' के तहत गांव के मौजूदा जल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कदम उठाया। 10,000 लीटर की यह नई भंडारण सुविधा गांववालों को पानी जमा करने में सक्षम बनाएगी, ताकि सूखे के महीनों में जब पानी का बहाव कम हो जाए, तो वे इस भंडारित पानी का उपयोग कर सकें।

इस पहल से पानी की उपलब्धता अधिक भरोसेमंद बनेगी, निवासियों की मुश्किलें कम होंगी और इस जरूरी संसाधन तक उनकी पहुंच बेहतर होगी। यह भारतीय सेना की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह जरुरतों पर आधारित नागरिक कार्यों और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देती है। साथ ही, स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास और सद्भावना के रिश्ते को मजबूत करती है।

बता दें कि लेइमाखोंग मणिपुर राज्य के कांगपोकपी जिले में स्थित एक छोटा सा कस्बा है। यह कांगपोकपी और इम्फाल पश्चिम जिले की सीमा पर स्थित है। यह इम्फाल शहर से लगभग 30 किलोमीटर पश्चिम में बसा है। यह लेइमाखोंग नदी के किनारे स्थित है, जो इम्फाल नदी की एक सहायक नदी है। इस कस्बे में कुकी, नेपाली और मैतेई समुदायों के लोग रहते हैं। लेइमाखोंग में भारतीय सेना के 57वें माउंटेन डिवीजन का मुख्यालय है। इस डिवीजन मुख्यालय में स्थित सैन्य अस्पताल का इस्तेमाल अक्सर घायल सैनिकों और आम नागरिकों के इलाज के लिए किया जाता रहा है।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम