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ममता-अभिषेक की कार्यशैली से कार्यकर्ता नाराज, टीएमसी में स्वाभिमानी नेता नहीं रह सकता: आरपी सिंह

 

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। भाजपा के प्रवक्ता आरपी सिंह ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को सीआईडी के सामने पेश होने को सही बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन के लिए कथित जाली हस्ताक्षरों के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को सीआईडी के सामने पेश होने का निर्देश दिया है।

आरपी सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “नेता प्रतिपक्ष के चयन के लिए जब कागजात जमा किए गए थे तो कथित तौर पर कुछ विधायकों के जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद में दो विधायकों ने उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और फिर वे बागी गुट में शामिल हो गए। अगर आधिकारिक कागजों पर किसी के हस्ताक्षर जाली किए गए हैं तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।”

उन्होंने टीएमसी की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, “जिसमें भी थोड़ी-बहुत आत्म-सम्मान की भावना होगी, वह टीएमसी में नहीं रह पाएगा। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी जिस तरह से दूसरों को दरकिनार कर रहे हैं और नाराज कर रहे हैं, वह साफ दिखता है। परिवारवादी पार्टियों में ऐसा ही होता है। उनका मानना है कि अभिषेक बनर्जी से ऊपर कुछ भी नहीं है।”

आरपी सिंह ने आगे कहा कि पार्टी की शुरुआत से जुड़े पुराने कार्यकर्ता अभिषेक बनर्जी के तौर-तरीकों से नाराज हैं, लेकिन ममता बनर्जी अपने भतीजे का साथ छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

आरपी सिंह ने कहा, “सोचने वाली बात है, क्या कल्याण बनर्जी सच में किसी से डर सकते हैं? वह एक जाने-माने वकील और टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। अगर वह भी यह कह रहे हैं कि उन्हें अपने और अभिषेक बनर्जी के बीच किसी एक को चुनना होगा, तो समस्या कहीं और है। असल में, यह मुद्दा परिवारवाद की राजनीति से जुड़ा है और अभिषेक बनर्जी जिस तरह से कथित तौर पर दबंगई वाली राजनीति के कल्चर को चला रहे हैं, उसे लोगों ने नकार दिया है। अब तो पार्टी के अंदर के नेता भी इसे नकार रहे हैं।”

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि टीएमसी में असंतोष बढ़ रहा है और कई विधायक-नेता बागी गुट की ओर रुख कर रहे हैं। ममता बनर्जी परिवारवाद को बढ़ावा दे रही हैं, जिसके चलते पार्टी में फूट पड़ रही है। यह घटनाक्रम टीएमसी में चल रही अंदरूनी कलह को और उजागर करता है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी