×

कर्नाटक में यौन उत्पीड़न के आरोपी पुलिसकर्मी का मामला सीआईडी को सौंपा गया : जी. परमेश्वर

 

बेंगलुरु, 23 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने सोमवार को बताया कि मंगलुरु जिले के मूडबिद्री में एक पुलिस इंस्पेक्टर पर महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच अब अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई है।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आरोप गंभीर हैं, इसलिए उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस मामले की गहराई से जांच के लिए सीआईडी को देने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नागलक्ष्मी चौधरी ने पीड़िता से मिलकर घटना की कई अहम जानकारी दी थी। इन्हीं जानकारियों के आधार पर जांच सीआईडी को सौंपने का फैसला लिया गया।

उन्होंने कहा कि आरोप सामने आते ही आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है और विभाग से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि सच्चाई जानने के लिए पूरी जांच जरूरी है। सीआईडी की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि क्या इस मामले में और भी पीड़ित शामिल हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अपने नियमों के अनुसार ही फैसले लेती है। धार्मिक नेताओं के बयान लोगों की भावनाएं दिखा सकते हैं लेकिन फैसले रिपोर्ट और आंतरिक जांच के आधार पर ही लिए जाते हैं।

गौरतलब है कि मंगलुरु शहर के पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने पिछले हफ्ते मूडबिद्री के पुलिस इंस्पेक्टर संदेश को महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया था।

मूडबिद्री के पुलिस इंस्पेक्टर पीजी संदेश को 17 मार्च को निलंबित कर दिया गया था। यह फैसला एक शुरुआती जांच के बाद लिया गया, जो मंगलुरु नॉर्थ सब-डिवीजन के एसीपी ने की थी।

यह जांच कुछ महिलाओं की शिकायतों के आधार पर शुरू हुई थी। इन महिलाओं ने कर्नाटक राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर उन्हें परेशान करता था।

हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो महिलाओं ने और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि इंस्पेक्टर पुलिस स्टेशन में काम से आने वाली महिलाओं से यौन संबंध बनाने की मांग करता था। अगर वे मना करती थीं, तो वह उनसे रिश्वत मांगता था।

मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी के अनुसार शुरुआती जांच में यौन संबंध की मांग वाले आरोप साबित नहीं हुए लेकिन दुर्व्यवहार (गलत व्यवहार) के आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान कुछ वीडियो भी देखे गए, जिनमें इंस्पेक्टर एक महिला से गलत तरीके से बात करते हुए नजर आया। इसी आधार पर उसे सस्पेंड किया गया।

इंस्पेक्टर संदेश पर यह आरोप भी है कि उसने एक शिकायत करने वाली महिला को धमकाया। उसने कथित तौर पर कहा कि उसने अपनी पोस्टिंग पक्की करवाने के लिए गृह मंत्री जी परमेश्वर को 40 लाख रुपए दिए हैं, इसलिए उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।

इस बीच, मंगलुरु की वेनूर पुलिस ने भी इंस्पेक्टर पी.जी. संदेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। यह मामला बेल्थंगडी तालुका की एक कॉलेज प्रिंसिपल की शिकायत के बाद दर्ज किया गया है।

प्रिंसिपल ने आरोप लगाया है कि 2020 से 2023 के बीच इंस्पेक्टर ने उसका यौन उत्पीड़न किया। फिलहाल, इंस्पेक्टर संदेश निलंबित है और मामले की जांच की जा रही है।

--आईएएनएस

पीएम