ममता बनर्जी का BJP पर तीखा हमला, वीडियो में बोलीं- 'वे चाहते थे मुझे हार्ट अटैक आ जाए'; TMC में बगावत पर भी दिया बड़ा बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने विपक्षी दल पर गंभीर आरोप लगाए और अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी खींचतान पर भी खुलकर बात की। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा चाहती थी कि उन्हें हार्ट अटैक आ जाए, लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा, "मैं तब तक जिंदा रहूंगी, जब तक उनका अंत नहीं हो जाता।" उनके इस बयान को लेकर राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
TMC में बगावत पर बोलीं- जो जाना चाहता है, चला जाए
वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और नेताओं के पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जा सकते हैं।ममता ने कहा, "मैंने 2006 में तृणमूल कांग्रेस को दोबारा खड़ा किया था। अगर जरूरत पड़ी तो 2026 में भी पार्टी को फिर से मजबूत कर सकती हूं।" उनके इस बयान को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए संदेश और विरोधियों को जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
मदन मित्रा बागी गुट में हुए शामिल
ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाते हुए ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट का दामन थाम लिया है। हालांकि, उन्होंने अभी अपने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मदन मित्रा का यह कदम तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।
ED की कार्रवाई के बीच बदला सियासी समीकरण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मदन मित्रा के इस फैसले से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में उनकी पत्नी और दोनों बेटों को पूछताछ के लिए तलब किया था।बताया जा रहा है कि मंगलवार को ED ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके अगले ही दिन मदन मित्रा के बागी गुट में शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, ED की कार्रवाई और उनके राजनीतिक फैसले के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
ममता बनर्जी के तीखे बयान और तृणमूल कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी खींचतान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को फिर गरमा दिया है। एक ओर मुख्यमंत्री भाजपा पर लगातार हमलावर हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर नेताओं के अलग होने की घटनाएं विपक्ष को हमले का मौका दे रही हैं।अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि तृणमूल कांग्रेस इस राजनीतिक चुनौती से कैसे निपटती है और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी अपने संगठन को किस तरह मजबूत करती है