सीएम ममता बनर्जी ने जो किया, उससे पश्चिम बंगाल पूरे देश के सामने शर्मिंदा हुआ: सुकांत मजूमदार
नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने आई-पैक के ऑफिस पर ईडी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी की मौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईडी की छापेमारी के संबंध में सीएम ममता बनर्जी ने जो किया, उससे पश्चिम बंगाल पूरे देश के सामने शर्मिंदा हुआ है।
सुकांता मजूमदार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि जब ईडी एक निजी कंपनी के ऑफिस गई और उसके मालिक के घर पर छापा मारा, तो सीएम ममता बनर्जी ने उन्हें बचाने के लिए हस्तक्षेप किया। इससे साफ संकेत मिलता है कि कुछ गड़बड़ चल रही है। उनका कुछ छिपाना था और उन्होंने उसे छुपाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि जब पार्थ चटर्जी के यहां छापेमारी हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उन्होंने ममता बनर्जी को फोन किया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। जब प्रतीक जैन के यहां छापेमारी हुई तो वह दौड़कर उन्हें बचाने पहुंच गईं।
सुकांता मजूमदार ने कहा कि ईडी की जांच के दौरान संवैधानिक पद पर रहते हुए उन्होंने अधिकारियों को धमकी दी। सीएम ममता बनर्जी का कहना था कि वह टीएमसी की मुखिया होने के नाते आई-पैक के ऑफिस पहुंची थीं, लेकिन अगर यह सच है तो उनके साथ सरकार की चीफ सेक्रेटरी वहां क्यों गई थीं? डीजी पुलिस वहां क्यों थे? सुरक्षाकर्मी वहां जा सकते थे, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वहां क्यों गए?
उन्होंने कहा कि ईडी की रेड के दौरान पुलिस लेकर पहुंचना भारत की संप्रभुता को चुनौती है। किसी मामले में कंपनी का नाम आया था तो छापेमारी हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रतीक जैन के पास ऐसा क्या है जिसकी वजह से ममता बनर्जी डर रही हैं? हमें पश्चिम बंगाल सरकार के कुछ डॉक्यूमेंट्स मिलते हैं तो ये कागजात प्रतीक जैन के यहां क्यों थे? उन्होंने गोपनीयता की शपथ ली थी, तो ये कागजात वहां क्यों और कैसे पहुंचे?
सुकांता मजूमदार ने कहा कि इस छापेमारी का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। हर साल कोई न कोई चुनाव होते ही रहते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति शासन पर कहा कि यह सब राष्ट्रपति के हाथ में है। हम चाहते हैं कि उन्हें सत्ता से हटाया जाए। ममता बनर्जी कुछ छुपाने की कोशिश कर रही हैं। इनकी कौन-सी पॉलिसी चुराई जाएगी? इनके नेता तो डरा-धमकाकर वोट लेते हैं।
--आईएएनएस
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