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मालेगांव में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ तिरंगा मार्च, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका रास्ता

 

मालेगांव, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मालेगांव में 'संविधान बचाओ समिति' की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास से शुरू हुआ तिरंगा मार्च महात्मा गांधी की प्रतिमा तक जाना था, लेकिन पुलिस ने संगमेश्वर कॉर्नर पर बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध किया। हालांकि, इस दौरान किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली।

महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के युवा अध्यक्ष मुस्तकीम डिग्निटी ने कहा कि संविधान बचाओ समिति की ओर से यह तिरंगा मार्च आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था।

मुस्तकीम डिग्निटी ने कहा कि उनका आंदोलन पुलिस या सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ था। चुनाव आयोग एक ऐसी संस्था है, जिसे निष्पक्ष माना जाता है और जिससे अपेक्षा की जाती है कि वह न तो विपक्ष के पक्ष में हो और न ही सत्ताधारी दल के पक्ष में। उन्होंने दावा किया कि यदि देश के लोगों का मुख्य चुनाव आयुक्त पर विश्वास नहीं रह गया है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उनकी यही मांग है और इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तक भी भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि जब कोई मतदाता अपना वोट डालता है, तो उसके पीछे लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा होता है। चुनाव आयुक्त पर जनता के विश्वास का सवाल महत्वपूर्ण है। सही और गलत का फैसला बाद में हो सकता है, लेकिन यदि लोगों का विश्वास नहीं है, तो पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डिग्निटी ने आरोप लगाया कि आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस को आगे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, लेकिन वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई और लोगों को आने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में तिरंगा मार्च निकालने की घोषणाएं की गई थीं, लेकिन कई जगह आंदोलनों को दबाने की कोशिश हुई। महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई और मालेगांव में मार्च को रोकने का प्रयास किया गया।

मुस्तकीम डिग्निटी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जहां मार्च को रोका गया, वहां प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पर चढ़कर अपना निषेध दर्ज कराया और इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि समिति संविधान की रक्षा और महात्मा गांधी के विचारों से जुड़ी आजादी के लिए आंदोलन कर रही है। तिरंगा मार्च निकालने का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव आयोग के प्रति जनता के विश्वास से जुड़े सवालों को उठाना था।

--आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी