मलेशिया से दो वांटेड केजेडएफ सदस्य डिपोर्ट, पंजाब पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार
चंडीगढ़, 19 जून (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस ने खुफिया जानकारी पर आधारित एक बड़े ऑपरेशन में प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) से जुड़े दो वांटेड सदस्यों को मलेशिया से डिपोर्ट कराया है। पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और रॉयल मलेशिया पुलिस (आरएमपी) के सहयोग से यह सफलता हासिल की। पंजाब के डीजीपी ने यह जानकारी दी।
पंजाब डीजीपी ने बताया कि आरोपियों को पंजाब पुलिस ने नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद गिरफ्तार किया और आगे की जांच के लिए राज्य में ले आई।
डीजीपी के अनुसार, आरोपियों की पहचान अंबाला के गुरविंदर सिंह और पटियाला के मंजीत सिंह के रूप में हुई। ये दोनों आरोपी मलेशिया में मौजूद केजेडएफ-समर्थित टेरर मॉड्यूल के अहम सदस्य थे। यह मॉड्यूल पंजाब में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लाइनों समेत रेलवे के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने में शामिल था।
इससे पहले, पंजाब पुलिस ने उस टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था, जो 23 जनवरी को फतेहगढ़ साहिब के सिरहिंद के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए आईईडी ब्लास्ट और 27 अप्रैल को पटियाला जिले के शंभू के पास उसी कॉरिडोर पर धमाके की कोशिश के लिए जिम्मेदार था।
जांच के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए थे, जिसमें आरपीजी लॉन्चर, आईईडी, आरडीएक्स, हैंड ग्रेनेड और गोला-बारूद के साथ हाई-एंड पिस्तौलें शामिल थीं।
इस अंतरराष्ट्रीय साजिश की आगे की जांच में मलेशिया से काम कर रहे केजेडएफ हैंडलर्स और फंडिंग ऑपरेटर की भूमिका का पता चला। डिपोर्ट किए गए आरोपी पंजाब में केजेडएफ ऑपरेटिव्स तक ऑफशोर खातों के जरिए फंड पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे थे, जिससे राज्य में आतंकी हमलों को अंजाम देने और शांति व कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की योजनाओं को बढ़ावा मिल रहा था।
डीजीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को पटियाला की अदालत में पेश किया गया और आगे की पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने और साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस आतंकवादी के नेटवर्क को खत्म करने, फंडिंग रोकने और पंजाब की शांति, सुरक्षा व सद्भाव बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
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