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सीबीआई को बड़ी सफलता, बैंक धोखाधड़ी के मामलों में दो घोषित अपराधी गिरफ्तार

 

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को बड़ी सफलता मिली। एजेंसी ने बैंक से धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो घोषित आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा के रूप में हुई है। दोनों क्रमशः 17 साल और छह साल से फरार चल रहे थे।

आरोपी जितेंद्र कुमार 2002-03 में नकली और जाली सैलरी सर्टिफिकेट के आधार पर लिए गए होम लोन के डिफॉल्ट (भुगतान न करने) के मामले में शामिल था, जिससे जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 65.90 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। लोन जारी होने के तुरंत बाद ही अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया गया था।

2006 में आरोपी जितेंद्र कुमार और 18 अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। वह जानबूझकर ट्रायल की कार्यवाही से बचता रहा और 2009 से कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ। उसे जनवरी 2013 में घोषित अपराधी (पीओ) करार दिया गया था। सीबीआई की लगातार कोशिशों के बाद उसे 25 अगस्त को द्वारका मोड़, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। उसे कानून के अनुसार आगे की कार्यवाही के लिए सक्षम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।

आरोपी पूजा पाहवा गलत और जाली दस्तावेजों के आधार पर ली गई कैश क्रेडिट सुविधा के डायवर्जन और गबन के मामले में शामिल थी, जिससे इंडियन ओवरसीज बैंक को 10.16 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। अकाउंट को 2012 में एनपीए घोषित कर दिया गया था। 2017 में 5 अन्य लोगों के साथ उसके खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई थी। लाभार्थी कंपनी और व्यक्तियों के साथ मिलीभगत करने के लिए चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई थी।

आरोपी पूजा पाहवा जानबूझकर ट्रायल की कार्यवाही से बचती रही और 2022 से कोर्ट के सामने पेश नहीं हुई। उसे 2023 में घोषित अपराधी (पीओ) करार दिया गया था। सीबीआई द्वारा लगातार खुफिया जानकारी जुटाने और लक्षित प्रयासों के बाद उसे 4 अगस्त को लुधियाना, पंजाब से पकड़ा गया। वह अभी न्यायिक हिरासत में है।

सीबीआई ने साफ कर दिया है कि वह आर्थिक धोखाधड़ी करने वाले हर अपराधी को पकड़ने और उसे सजा दिलाने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी