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मालदीव में बड़ा डाइविंग हादसा, वावू एटोल में 5 इतालवी गोताखोरों की मौत; गुफा अन्वेषण के दौरान हादसा

 

हिंद महासागर में स्थित मालदीव के वावू एटोल में एक दर्दनाक डाइविंग हादसे में इटली के पांच गोताखोरों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने इसे देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा और गंभीर डाइविंग हादसा बताया है। यह घटना उस समय हुई जब सभी गोताखोर समुद्र की गहराई में स्थित गुफाओं (अंडरवॉटर केव्स) की खोज के लिए गए थे और वापस नहीं लौटे।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा वावू एटोल के पास समुद्री क्षेत्र में हुआ, जहां गोताखोर लगभग 50 मीटर की गहराई में स्थित पानी के भीतर मौजूद गुफा प्रणाली का अध्ययन कर रहे थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, डाइविंग अभियान के दौरान अचानक परिस्थितियां बिगड़ गईं, जिसके बाद टीम का संपर्क सतह पर मौजूद सपोर्ट स्टाफ से टूट गया।

स्थानीय रेस्क्यू टीमों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। कई घंटों की कोशिशों के बाद सभी पांच गोताखोरों के शव बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह एक अत्यंत जटिल और जोखिम भरा डाइविंग क्षेत्र माना जाता है, जहां तेज धाराएं, सीमित दृश्यता और गुफाओं की संरचना अक्सर गोताखोरों के लिए चुनौती बनती हैं।

मालदीव प्रशासन ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था और क्या डाइविंग टीम के पास पर्याप्त तकनीकी समर्थन और बैकअप उपकरण मौजूद थे या नहीं।

डाइविंग विशेषज्ञों का कहना है कि 50 मीटर की गहराई पर गुफा अन्वेषण अत्यंत जोखिमपूर्ण माना जाता है और इसके लिए उच्च स्तर के अनुभव, विशेष उपकरण और मजबूत सुरक्षा योजना आवश्यक होती है। थोड़ी सी चूक भी ऐसी परिस्थितियों में जानलेवा साबित हो सकती है।

स्थानीय अधिकारियों ने इसे मालदीव के इतिहास का सबसे गंभीर डाइविंग हादसा बताते हुए कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए डाइविंग गतिविधियों पर नियमों को और सख्त किया जा सकता है। पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र में हर साल बड़ी संख्या में विदेशी गोताखोर आते हैं।

इटली की ओर से भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया गया है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। फिलहाल सभी पांचों मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

यह हादसा एक बार फिर समुद्री एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अभियानों में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।