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मैंने इस पारी के बारे में पहले ही सोच लिया था और बिल्कुल वैसा ही हुआ: अभिषेक शर्मा

 

वेलिंगटन, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मैच में 38 गेंदों का सामना करते हुए 113 रन बनाए, जिसका श्रेय अपनी 'तैयारी' को दिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने ऐसी पारी खेलने की 'कल्पना' की थी।

अभिषेक के चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक की मदद से भारत ने 199 रनों के विशाल लक्ष्य को महज 13.2 ओवर में हासिल कर लिया। इसके साथ ही 'मेन इन ब्लू' ने पांच मुकाबलों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है।

पंजाब के इस बल्लेबाज ने वैभव सूर्यवंशी (19 गेंदों पर 45 रन) के पावरप्ले में रिकॉर्ड 118 रन जुटाए। यह दुनिया में किसी भी टीम द्वारा पावरप्ले में बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं। भारत ने मैच 6 विकेट से अपने नाम किया।

'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने जाने के बाद, अभिषेक ने अपनी पारी, वैभव सूर्यवंशी के साथ बल्लेबाजी के दौरान बिताए समय, ऐसी पारियों के पीछे की अपनी तैयारी और अपने मेंटॉर युवराज सिंह के एक खास संदेश के बारे में बात की।

ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए अभिषेक ने कहा, "मूल मंत्र बहुत सरल था। मैं और वैभव बस वहां जाकर खेल का आनंद लेना चाहते थे, खासकर पावरप्ले में। जब हम फील्डिंग कर रहे थे, तब हमने पिच को ध्यान से देखा था, क्योंकि वहां अतिरिक्त उछाल था, लेकिन मुझे लगा कि मैदान के डाइमेंशन्स (आयाम) को देखते हुए, हम पावरप्ले का फायदा उठा सकते हैं और उनकी (गेंदबाजों की) गति का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। तो, यह एक आसान योजना थी।"

क्राइस्टचर्च की तुलना में वेलिंगटन की परिस्थितियां अलग थीं; यहां काफी हवा चल रही थी और स्क्वायर बाउंड्री छोटी थीं। अभिषेक ने सपोर्ट स्टाफ से मिलने वाले समर्थन और अपनी तैयारी के बारे में कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह इतना आसान है, लेकिन इसके पीछे पर्दे के पीछे की गई तैयारी है। हमारे कोचों को विशेष रूप से धन्यवाद, क्योंकि उन्होंने साइडआर्म्स (थ्रोडाउन) के जरिए हमारी बहुत मदद की है; हमने उनके खिलाफ काफी अभ्यास किया है।"

"एक बल्लेबाज के तौर पर तैयारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। अगर आप मैदान की स्थिति और उसके आयामों को देखते हैं, तो ये बातें हमेशा आपके दिमाग में रहती हैं। इसके साथ ही आपको गेंदबाजों का भी ध्यान रखना होता है और उनके हिसाब से अपने शॉट्स खेलने होते हैं। मैं बस यही करता हूं। कल हमारा एक शानदार प्रैक्टिस सेशन रहा था, मैं उसका पूरा फायदा उठाना चाहता था और मैंने बिल्कुल वैसा ही किया। मैंने इस पारी के बारे में पहले ही सोच लिया था और बिल्कुल वैसा ही हुआ।"

इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक और 35 गेंदों में शतक जड़ा। इस पर युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने छात्र (शिष्य) के लिए एक मजेदार पोस्ट किया। युवी ने अभिषेक से कहा कि वे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का उनका भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दें।

युवराज ने 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ उस यादगार मैच में, जिसमें उन्होंने लगातार छह छक्के लगाए थे, सिर्फ 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था। युवराज ने 'एक्स' पर लिखा, "अभिषेक शर्मा, तुम अभी भी 12 गेंदों में 50 रन नहीं बना पाए, है ना। ऐसा लग रहा है जैसे दो बाएं हाथ के बल्लेबाज अपने घर के बैकयार्ड में बल्लेबाजी कर रहे हों।"

जब अभिषेक से इस पोस्ट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अतीत में युवराज द्वारा खेली गई ऐसी पारियों की तारीफ में कहा, "मैंने पहले भी यह बात कही है। मुझे नहीं पता कि उस समय वे किस तरह की क्रिकेट खेल रहे थे, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल भी आसान नहीं है। अगर कोई बल्लेबाज मैदान पर जाकर उस तरह की बल्लेबाजी करना चाहे, तो यह कतई आसान नहीं होता। आप बस मैदान पर जाकर 12 गेंदों में 50 रन नहीं बना सकते। ऐसा कभी-कभार ही होता है, लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर, हम किसी खास माइलस्टोन के पीछे नहीं भागते। हम हमेशा अपनी टीम के लिए मैच जीतना चाहते हैं—मैं और खासकर वैभव (जो यहां मौजूद हैं)। तो यही हमारी योजना थी। हम पूरी सीरीज में इसी तरह खेलना चाहते हैं। सब कुछ बहुत अच्छा रहा।"

--आईएएनएस

आरएसजी