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मैं उन लोगों को आतंकवादी मानता हूं जो दूसरी जगह से फंडिंग लेकर देश को तोड़ना चाहते हैं: मौलाना साजिद रशीदी

 

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने सीजेपी से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेहा बोरा देशहित में काम नहीं कर रहे हैं। रशीदी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी फंडिंग के जरिए देश में अशांति और अफरातफरी का माहौल पैदा करना चाहते हैं।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में मौलाना ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा कि केवल सत्ता परिवर्तन से परिस्थितियां नहीं बदलतीं। उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुछ देश दूसरे देशों में सत्ता परिवर्तन कराने और वहां अपने अनुकूल सरकारें स्थापित करने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने ईरान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी सत्ता परिवर्तन के लिए कई प्रयास किए गए। नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि इससे आम जनता को कितना फायदा हुआ।

रशीदी ने कहा कि आज देश में भी कुछ लोग सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों का उद्देश्य देश में अस्थिरता पैदा करना और समाज में फूट डालना है। मैं तो उन लोगों को आतंकवादी मानता हूं, जो दूसरी जगह से फंडिंग लेकर देश को तोड़ना चाहते हैं और मुल्क के अंदर अफरातफरी जैसा माहौल पैदा करना चाहते हैं।

उन्होंने सीजेपी से जुड़े अभिजीत दिपके और नेहा बोरा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके काम देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की दिशा में हैं। मौलाना रशीदी ने नेहा बोरा के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले में सरकार की ओर से कार्रवाई की जानी चाहिए।

पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के शरजील इमाम को लेकर दिए एक्स पोस्ट पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुसलमानों से जुड़े कुछ मुद्दे जरूर हैं, लेकिन संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है और न्यायपालिका इसी के आधार पर लोगों को न्याय देती है। संविधान और कानून की व्यवस्था के कारण लंबे समय तक जेल में रहने वाले कई लोगों को वर्षों बाद अदालतों से राहत मिलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संवैधानिक व्यवस्था और न्यायपालिका को ही फासीवादी या भ्रष्ट कहा जाने लगेगा, तो लंबे समय से जेल में बंद लोगों को न्याय कैसे मिलेगा? लोगों को अपनी विचारधारा पर पुनर्विचार करना चाहिए और संविधान के विपरीत नहीं जाना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के 'एक्स' पोस्ट पर रशीदी ने कहा कि जो भी सरकार होती है, देश की सारी एजेंसियां उसकी बात तो मानती हैं, यह तो तय है। पिंजरे का तोता कांग्रेस सरकार के टाइम में किसको बोला गया था? यह क्या कांग्रेस भूल गई कि आप लोग भी किस तरह से एजेंसियों का दुरुपयोग करते थे? किस तरह से आप लोगों ने जो घोटाले किए हैं, तमाम घोटाले जब आपके सामने आए तो जनता ने आपको नकारा। ये तमाम चीजें पिछली सरकारों को याद रखनी चाहिए। सवाल यह नहीं है कि एजेंसियां किसकी मानती हैं। सवाल यह है कि आपका सरकार के प्रति, देश के प्रति क्या रुझान है, आप देश के लिए क्या सोचते हैं। कभी इस तरह की घटनाओं को न्यायोचित नहीं ठहराना चाहिए, क्योंकि ये घटनाएं देश हित में नहीं होतीं, देश को तोड़ने के लिए होती हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी