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'मैं भगवान नहीं, विंदू हूं', जब लोगों को हाथ जोड़ते देख अभिनेता को बतानी पड़ी थी अपनी असल पहचान

 

मुंबई, 5 मई (आईएएनएस)। अभिनेता विंदू दारा सिंह की पहचान सिर्फ फिल्मों या टीवी शोज से नहीं, बल्कि उनके किरदारों और जीवन के दिलचस्प किस्सों से भी जुड़ी है। उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने अंदाज से दर्शकों को जोड़े रखा। उनका जन्म 6 मई 1964 को हुआ था। वह मशहूर पहलवान और अभिनेता दारा सिंह के बेटे हैं। बचपन से ही उनके आसपास फिल्म और टीवी का माहौल था, जिससे उनकी भी रुचि अभिनय की ओर बढ़ी। इंडस्ट्री में उनके पिता की पहचान इतनी बड़ी थी कि उनसे भी लोगों ने उसी तरह की उम्मीदें लगाना शुरू कर दिया।

विंदू दारा सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 1994 में फिल्म 'करण' से की। इसके बाद वह अपने पिता के निर्देशन में बनी पंजाबी फिल्म 'रब दियां रक्खा' में नजर आए। धीरे-धीरे उन्होंने 'पार्टनर', 'मुझसे शादी करोगी' और 'हाउसफुल' समेत कई फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें ज्यादा बड़े रोल नहीं मिले। वह हर किरदार को अपने तरीके से निभाने की कोशिश करते थे।

टीवी की दुनिया में उन्हें खास पहचान जय वीर हनुमान सीरियल में भगवान हनुमान के किरदार से मिली। यही वह समय था जब उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सामने आया। शूटिंग के दौरान उन्हें भारी कॉस्ट्यूम और मेकअप में घंटों रहना पड़ता था। एक दिन ब्रेक के दौरान वह उसी हनुमान वाले रूप में चाय पीने बाहर चले गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें देखकर सच में भगवान समझ लिया और हाथ जोड़कर प्रणाम करने लगे। विंदू को खुद हंसते हुए कहना पड़ा, 'मैं भगवान नहीं, विंदू हूं।' यह किस्सा आज भी उनके करियर के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है।

रियलिटी टीवी में भी विंदू ने अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 'बिग बॉस 3' जीतकर लोगों का दिल जीता। इस शो में उनके मिलनसार स्वभाव को काफी पसंद किया गया।

उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। उन्होंने पहले अभिनेत्री फराह नाज से शादी की, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद उन्होंने डीना उमारोवा से शादी की, जिनसे उनकी एक बेटी है। उनके जीवन में कई मुश्किल पल आए, लेकिन उन्होंने हर परिस्थिति का सामना किया।

विंदू दारा सिंह के जीवन में कुछ विवाद भी जुड़े रहे, जैसे 2013 का स्पॉट फिक्सिंग मामला, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने करियर को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी।

--आईएएनएस

पीके/वीसी