अमित शाह के बंगाल दौरे को लेकर महुआ मोइत्रा की UN में शिकायत, फुटेज में जाने मुस्लिम IAS-IPS अफसरों को बाहर रखने का लगाया आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी कार्यक्रमों के दौरान वरिष्ठ मुस्लिम IAS और IPS अधिकारियों को कथित तौर पर बाहर रखने का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के सामने उठाया है। मोइत्रा ने 16 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के अल्पसंख्यक मामलों के विशेष रैपोर्टियर प्रोफेसर निकोलस लेव्रैट को पत्र भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई और अगस्त में अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरों के दौरान तीन मौकों पर तीन वरिष्ठ अधिकारियों को या तो कार्यक्रम से जाने के लिए कहा गया या उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया।
तीन वरिष्ठ अधिकारियों का किया जिक्र
महुआ मोइत्रा ने अपने पत्र में सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर वकार रजा, पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के प्रमुख जावेद शमीम और वरिष्ठ IAS अधिकारी खलील अहमद का नाम लिया है। मोइत्रा का आरोप है कि इन अधिकारियों के साथ अलग व्यवहार किया गया, जबकि दूसरे धर्मों से जुड़े उनके समकक्ष अधिकारियों को अमित शाह के कार्यक्रमों में मौजूद रहने की अनुमति दी गई।
मोइत्रा के मुताबिक, सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर वकार रजा को कथित तौर पर अमित शाह के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया। वहीं, जावेद शमीम को कुछ कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि IAS अधिकारी खलील अहमद को एक बैठक से जाने के लिए कहा गया था। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
'धर्म ही एक समान बात'
महुआ मोइत्रा ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि तीनों अधिकारियों को कार्यक्रमों से बाहर किए जाने के पीछे उनके धर्म को आधार बनाया गया। उन्होंने पत्र में कहा कि इन तीनों अधिकारियों में एक बात समान है और उन्हें कार्यक्रम में मौजूद रहने की अनुमति पाने वाले सहयोगियों से अलग करने वाली बात उनका धर्म है। मोइत्रा ने इसे कथित तौर पर जानबूझकर किया गया बहिष्कार बताया।
मोइत्रा ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टियर से मामले में भारत सरकार से स्पष्टीकरण मांगने की अपील की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरों से जुड़े CCTV फुटेज, टूर डायरी और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं, ताकि आरोपों की जांच में उनका इस्तेमाल किया जा सके।
पहले सोशल मीडिया पर भी उठाया था मुद्दा
TMC सांसद ने इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मुद्दे को उठाया था। उनके पोस्ट के बाद उनके खिलाफ डायमंड हार्बर में शिकायत दर्ज होने और साइबर क्राइम पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उन्होंने मामले को संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टियर के सामने उठाया।