आज पश्चिम बंगाल के लिए काला दिन है : महुआ मोइत्रा
नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने उस पुलिस एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें बारुईपुर रेप और मर्डर केस के आरोपी प्रभास मंडल की मौत हो गई।
उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज पश्चिम बंगाल के लिए 'काला दिन' है। हमने पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार 'एनकाउंटर किलिंग' का मामला देखा है। पश्चिम बंगाल अब यूपी 2.0 के रूप में तब्दील हो चुका है। हमने पश्चिम बंगाल में आज तक एनकाउंटर किलिंग का मामला नहीं देखा था। रेप मामले में आरोपी प्रभास मंडल को एनकाउंटर में पश्चिम बंगाल पुलिस ने ढेर कर दिया। पुलिस ने एनकाउंटर के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि जब आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए घटनास्थल पर ले जाया जा रहा था, तो वह भागने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद स्थिति ऐसी हो गई कि पुलिस को उस पर फायरिंग करनी पड़ गई।
टीएमसी सांसद के मुताबिक, "नियमों के तहत ऐसी स्थिति में पुलिस को आरोपी के पैर पर गोली मारने का हक है, ना कि छाती, सिर या किसी अन्य हिस्सों पर। आखिर पश्चिम बंगाल पुलिस ने आरोपी को इस तरह से गोली क्यों मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, क्योंकि मौजूदा समय में पुलिस भाजपा के इशारे पर काम कर रही है और वो प्रभास मंडल का मुंह हमेशा के लिए बंद करना चाहती थी, इसलिए उसे इस तरह से गोली मारी गई।"
उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर भी निशाना साधा। महुआ मोइत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि सुबह जमा करो और शाम को खर्च करो। इस बयान से साफ जाहिर होता है कि सुबह तक प्रभास मंडल जिंदा था, इसके बाद शाम को उसे मार दिया गया। दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा इसे न्याय के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है। पश्चिम बंगाल ऐसी भूमि है, जहां पर कानून का राज चलना चाहिए।
उनके मुताबिक, इन लोगों को यह समझना होगा कि पश्चिम बंगाल हिंदुस्तान का हिस्सा है, जहां पर संविधान का राज चलता है। पश्चिम बंगाल में भी कानून का राज स्थापित होना चाहिए, जहां पर हर आरोपी को कानून के तहत ही सजा मिलनी चाहिए। चाहे कोई भी आरोपी क्यों नहीं हो। उसे न्यायिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का पूरा हक है और उसे कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। यही फर्क मूल रूप से कानून के राज और जंगलराज में होता है। लेकिन, दुर्भाग्य की बात है कि आज की तारीख में पश्चिम बंगाल में जंगलराज स्थापित हो चुका है। कानून का राज समाप्त हो चुका है। इस पर सरकार को जवाब देना होगा।
--आईएएनएस
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