20 महीने की बच्ची पर कुत्ते का हमला दुखद, 3 अक्टूबर से चलेगा बड़े स्तर पर अभियान : सुरेंद्र चौहान
शिमला, 22 सितंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कुत्तों का आतंक एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गया है। शिमला के शंकली इलाके में कुत्तों ने 20 महीने की एक मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे 20 टांके लगाने पड़े। इस घटना के बाद शहर में मौजूद करीब 3,000 लावारिस कुत्तों से होने वाली परेशानी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।
इस गंभीर घटना के बाद शिमला नगर निगम हरकत में आ गया है। मेयर सुरेंद्र चौहान ने 3 अक्टूबर से बड़े पैमाने पर नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
उन्होंने टुटीकंडी डॉग शेल्टर के विस्तार के लिए 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं और कुत्तों को पकड़ने के लिए 200 से 300 रुपए इनाम और तय जगहों के बाहर उन्हें खाना खिलाने पर जुर्माना लगाने का ऐलान किया है।
मेयर सुरेंद्र चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नगर निगम कुत्तों को लेकर सख्त नियम लाने जा रहा है। पिछले दिनों भी हम नियम लेकर आए थे, लेकिन उस समय हम संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहे थे। उस समय कुछ लोगों ने गलत जानकारी फैला दी थी कि शहर में कुत्तों को मारा जा रहा है, लेकिन जब हमने इसकी जांच कराई तो ऐसा कुछ नहीं निकला। अब फिर से हम कुछ नए नियम बनाने जा रहे हैं, जिससे इन कुत्तों पर रोक लगाई जा सके।
मेयर ने डॉग लवर्स को भी नसीहत देते हुए कहा, "हम लोग अगर किसी कुत्ते को उठाते हैं तो तीन से चार दिन बाद उसी लोकेशन पर वापस रखते हैं, जिसके बाद भी कुछ डॉग लवर्स इसका विरोध करते हैं। हम उनको बताना चाहते हैं कि इसमें उनको भी ध्यान देना चाहिए कि कुत्ते से ज्यादा इंसान की जिंदगी जरूरी है, इसीलिए हम लोगों को कुछ सख्त कदम उठाने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि जिस तरह से कुत्ते के काटने की खबर सामने आ रही है, वह सोचने लायक है। इसीलिए हमने सभी अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। जिन लोगों ने कुत्ता पाल रखा है, उनको भी इस पर ध्यान देना चाहिए। अगर उनके कुत्ते से किसी को कोई नुकसान होता है तो उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
--आईएएनएस
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