सरकार ने महिलाओं को सम्मान देने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है : मनन मिश्रा
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र आयोजित कर रही है। भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने बुधवार को बिल की तारीफ की और कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान के लिए काम कर रही है।
मनन मिश्रा ने महिला आरक्षण बिल पर संसद के विशेष सत्र का बचाव करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 2023 में पास हुए कानून में जो खामियां रह गई थीं, उन्हें दूर करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "इस सत्र में आवश्यक संशोधन कर दिए जाएंगे, ताकि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके। यह आरक्षण 2029 से लागू होगा, जिससे महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी बढ़ेगी। सरकार महिलाओं को सम्मान देने के लिए यह सत्र बुला रही है।"
भाजपा सांसद ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती की सराहना करते हुए कहा, "उन्होंने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है। जो भी सुलझा हुआ राजनेता होगा, वह इस बिला का स्वागत करेगा, लेकिन कांग्रेस का कोई विजन नहीं है। वह दिन-प्रतिदिन लोगों की नजरों में गिरती जा रही है। उन्हें बस विरोध करना है। मायावती इस बात को समझ रही हैं। सुलझे हुए नेता इसका समर्थन करेंगे। यह बिल देश को मजबूत बनाने के संदर्भ में है।”
इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने गलत किया है और उनके खिलाफ दर्ज मामले में पर्याप्त सबूत हैं।
मनन मिश्रा ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, "पवन खेड़ा ने गलत किया है। उनके खिलाफ जो भी केस बना है, उसमें सामग्री है। ट्रांजिट बेल का कोई सवाल ही नहीं था, ऑर्डर गलत हुआ था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने सब कुछ जांचने के बाद उस ऑर्डर को रद्द कर दिया।"
मनन मिश्रा ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा, "भाजपा ईमानदारी से चाहती है कि टीएमसी के भ्रष्टाचार और दमन से त्रस्त बंगाल के दबे-कुचले लोग मुक्त हों। पीएम मोदी ने बंगाल के लोगों से अपील की है कि वे सुबुद्धि का उपयोग करें और भाजपा को मौका दें, ताकि राज्य में विकास हो, भ्रष्टाचार समाप्त हो और लोगों का कल्याण सुनिश्चित हो।"
--आईएएनएस
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