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महिला टीम का पाक अधिकारी से ट्रॉफी न लेना राष्ट्रवादी फैसला, पूरा देश स्वागत करेगा: आरपी सिंह

 

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत, ट्रॉफी विवाद, क्रिकेट मैच के दौरान 'वंदे मातरम' गाए जाने, पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद करने के फैसले, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और ब्रिक्स सम्मेलन समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के ट्रॉफी से जुड़े फैसले को राष्ट्रवादी कदम बताया, जबकि यूसीसी को महिलाओं के लिए फायदेमंद बताते हुए इसका स्वागत किया।

भारतीय महिला टीम के एशिया कप जीतने और ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर आरपी सिंह ने कहा कि ट्रॉफी को लेकर टीम ने जो फैसला लिया, वह उसका अपना निर्णय है। भारतीय टीम पाकिस्तान की ओर से बार-बार होने वाले आतंकी हमलों को लेकर नाराज है और इसी भावना के तहत उसने यह रुख अपनाया। यह भारतीय टीम का राष्ट्रवादी फैसला है और पूरा देश इसका स्वागत करेगा।

भारत और अफगानिस्तान के क्रिकेट मैच के दौरान 'वंदे मातरम' गाए जाने के मुद्दे पर आरपी सिंह ने कहा कि देश में अब 'वंदे मातरम' के सम्मान को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। इसे पूरा गाया जाना चाहिए और इसका सम्मान राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान की तरह किया जाना चाहिए। जो लोग इसका पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और पार्टी की विचारधारा को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कांग्रेस के पुराने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और वर्तमान राजनीति के बीच अंतर बताते हुए पार्टी पर वैचारिक बदलाव का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद किए जाने के फैसले पर आरपी सिंह ने इसे चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी मदरसे के शिक्षक का किसी आतंकी संगठन या आतंकी गतिविधि से संबंध पाया जाता है, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से मदरसों में कार्यरत शिक्षकों की जानकारी जुटाने और किसी भी संदिग्ध संबंध की स्थिति में जांच के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की। आरपी सिंह ने कहा कि केवल संस्थान के नाम के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित लोगों की भूमिका और गतिविधियों की जांच के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा शासित राज्यों में 2029 तक समान नागरिक संहिता लागू करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का आरपी सिंह ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन वाले राज्यों में यूसीसी लागू किया जाना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। आरपी सिंह ने यूसीसी को विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि इससे महिलाओं को समान अधिकार मिलने की दिशा में मदद मिलेगी। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के संदर्भ में तीन तलाक और बहुविवाह का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि समान नागरिक संहिता से उन्हें इन समस्याओं से राहत मिलेगी।

ब्रिक्स सम्मेलन के डिनर मेन्यू को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी पर आरपी सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को डिनर के वेज-नॉनवेज मेन्यू की चर्चा करने के बजाय ब्रिक्स के संयुक्त घोषणापत्र पर ध्यान देना चाहिए। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान जारी संयुक्त घोषणा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें ऐसे देश भी शामिल हैं जिनके बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं। इसके बावजूद देशों का संयुक्त घोषणापत्र पर सहमत होना भारत की कूटनीतिक भूमिका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रभाव बढ़ा है। विपक्ष को भी इस तरह की उपलब्धियों की सराहना करनी चाहिए।

ब्रिक्स मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश पर भी आरपी सिंह ने समर्थन जताया, जिसमें उन्होंने तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों को साझा विकास में बाधा या हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि तकनीक और महत्वपूर्ण खनिज मानव कल्याण तथा वैश्विक विकास के लिए हैं। उनका इस्तेमाल किसी देश के निजी हित या दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश व्यापक जनकल्याण और सभी देशों की साझा प्रगति की भावना पर आधारित था।

--आईएएनएस

पीएसके