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महिला सशक्तीकरण पर पवन खेड़ा ने उठाए सवाल, कहा- आधी आबादी को रोकोगे तो विकसित भारत कैसे बनेगा

 

पुणे, 22 अगस्त (आईईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने महिला शिक्षा और सशक्तीकरण पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुद्दों पर बात करना आज सबसे ज्यादा जरूरी है।

पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा, "पुणे में, जहां सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा की नींव एक क्रांतिकारी कदम के जरिए रखी थी, वहां महिलाओं और 'छात्रों की गूंज' की थीम को आगे लाया गया। यह बहुत ही अहम विषय है। आज लोग विकसित भारत की बात करते हैं। लेकिन अगर देश की 50 प्रतिशत आबादी को तरक्की की इस यात्रा में शामिल होने से रोका जाएगा, तो भारत विकसित कैसे बनेगा?"

उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। पवन खेड़ा ने कहा, "महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद भी उसे लागू नहीं किया जा रहा है। बहाने बनाए जा रहे हैं - कभी परिसीमन की आड़ में, कभी जनगणना की आड़ में, हर संभव बहाने की आड़ में छिपा जा रहा है ताकि नीतियां बनाने वाले कमरों में सिर्फ पुरुष ही रहें और महिलाओं को बाहर रखा जाए।"

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने कहा, "पुरुष और महिला साक्षरता के बीच 16 प्रतिशत का अंतर है। आपने उन्हें स्कूलों से दूर रखने की साजिश की और कॉलेजों से दूर रखने की साजिश की। कल रात पुणे में एबीवीपी के गुंडे लड़कियों के हॉस्टल में घुस गए। यह सिर्फ उन्हें डराने के लिए किया गया था, युवा महिलाओं को डराने के लिए कि 'बाहर मत निकलो, तुम्हारी जगह घर की चार दीवारों के अंदर है।"

पवन खेड़ा ने कहा, "पुरुषों को खतरा नहीं है, खतरा पुरुषों के अहंकार को है। और उस अहंकार को चुनौती दी जानी चाहिए, क्योंकि वही अहंकार है जिसने महिलाओं को कॉलेजों, नौकरियों, नीति कक्षों और राजनीति से दूर रखा। इसलिए 'छात्रों की गूंज' का महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करना बेहद समय पर है। राहुल गांधी इस अहम मुद्दे को सही समय पर उठा रहे हैं। बहुत कम लोग इस पहलू पर ध्यान देते हैं।"

उन्होंने कहा कि इन सभी साजिशों के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक आवाज उठाई जानी चाहिए। हमें अपनी पार्टी पर गर्व है, जिसने इंदिरा गांधी जैसी आयरन लेडी इस देश और दुनिया को दी और प्रियंका गांधी जैसी निडर नेता इस देश को दी।

पवन खेड़ा ने कहा, "हमें अपनी पार्टी पर गर्व है, जहां सैकड़ों महिलाएं राजनीति में परचम लहरा रही हैं। सोनिया गांधी के नेतृत्व में हमने कई चुनाव जीते और वे पार्टी की भी अध्यक्ष रहीं। महिलाएं, पुरुषों से कहीं ज्यादा आगे हैं। पुरुष उनकी बराबरी नहीं कर पाते, इसलिए वे महिलाओं को घरों में धकेलना चाहते हैं।"

उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा, "हमें राहुल गांधी पर गर्व है, जिन्होंने दिल्ली में उन युवा महिलाओं के साथ प्रेस वार्ता की, जिन्होंने आंदोलनों में आवाज बुलंद की। महिलाओं को अपनी बात रखने के लिए मंच देना, हम सभी की जिम्मेदारी है और हम गर्व के साथ ऐसा कर रहे हैं।"

सीओईपी कॉलेज में एबीवीपी और एनएसयूआई सदस्यों के बीच झड़प पर पवन खेड़ा ने कहा, "यह कहना गलत है कि एबीवीपी और एनएसयूआई छात्रों के बीच झड़प हुई। लड़कियों के हॉस्टल में कौन घुसा? अगर कोई गुंडा मेरे घर में घुसता है, तो मेरे उसके साथ टकराव का कोई सवाल ही नहीं है। अगर कोई गुंडा मेरे घर में घुसता है, तो मुझे उसे बाहर धकेलने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि लड़कियों, छात्राओं और महिलाओं को चाहे कार्यस्थल पर, स्कूलों में, कॉलेजों में, समाज में या राजनीति में जिन मुद्दों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, उन पर बात करना और उनके साथ सक्रिय रूप से जुड़ना बहुत जरूरी है। मुझे गर्व है कि हमारे नेता ने इन्हीं मुद्दों पर उनसे सीधे जुड़ने का फैसला किया है।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीएससी