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महिला पत्रकार से बदसलूकी पर गरमाई सियासत, मुमताज पटेल बोलीं-इंतजार कीजिए, देश आंदोलन के मूड में आएगा

 

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जंतर-मंतर पर हाल ही में एसआईआर, ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार द्वारा पुलिस के एक अधिकारी पर लगाए गए आरोपों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसे लेकर कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्यशैली को सभी देख रहे हैं और इंतजार कीजिए, देश आंदोलन के मूड में आएगा।

आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि 48 घंटे हो गए हैं, लेकिन पुलिस का घमंड देख लीजिए, अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। सुबह से महिला पत्रकार को एक थाने से दूसरे थाने भेजा गया। आज उन्हें प्रेस कांफ्रेंस में शामिल होना था, लेकिन वह पुलिस के सिस्टम में फंसी हुई है। दिल्ली पुलिस द्वारा बदसुलूकी की जा रही है। एफआईआर नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र पत्रकार ने यौन उत्पीड़न का मामला उठाया है। महिला की आवाज को सभी उठा रहे हैं, फिर भी पुलिस अपनों को शह दे रही है। पीड़ित पर ही एक्शन ले रही है। उसे डिटेन कर रहे हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरीके का बर्ताव कर रही है, यह ठीक नहीं है। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हो रही है, कई महिलाएं डर के कारण सामने नहीं आ रही हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि पुलिस एक्शन लेने के बजाय उन्हें ही डिटेन कर लेगी।

कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने कहा कि जिस तरह से लोग वोट चोरी के खिलाफ, अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं, पुलिस से स्थिति संभाली नहीं जा रही है। अब जनता समझ गई है कि आप धीरे धीरे देखें, कैसे देश आंदोलन के मूड में आएगा।

उन्होंने कहा कि सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है, क्योंकि जनता से वोट का अधिकार छीना जा रहा है। दूसरी तरफ महिलाएं अपनी सुरक्षा और महिलाओं से जुड़े अपराध को लेकर सड़कों पर उतर रही हैं।

आप नेता संजीव झा ने कहा कि 10 तारीख का कार्यक्रम बहुत अहम है और देशभर से लोग दिल्ली आ रहे हैं। हमने सारी तैयारियां कर ली हैं और उस दिन दिल्लीभर से लोग जंतर-मंतर पर मौजूद रहेंगे। जिस तरह ज्ञानेश कुमार ने देश की जनता के साथ धोखा किया है, वोट चुराए हैं और गैर-कानूनी सरकार बनाई है, मुझे लगता है कि ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों को पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों पर देशद्रोह का आरोप लगना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी