महिला किसानों और पशुपालकों से पीएम मोदी का संवाद, बनासकांठा से दिया सशक्तीकरण का संदेश
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में महिला किसानों और पशुपालकों से संवाद किया और इसे महिला सशक्तीकरण का जीवंत उदाहरण बताया।
पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर महिलाओं से बातचीत के अंश साझा किए। उन्होंने लिखा, "बनासकांठा में हुई यह बातचीत आपको बहुत खुश कर देगी। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि कैसे कृषि, डेयरी और पशुपालन ने महिला सशक्तीकरण को आगे बढ़ाया है।"
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट किया, "जब नारी शक्ति सबसे आगे हो! गुजरात के बनासकांठा में 'भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर' के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के कृषि, डेयरी और पशुपालन क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह दृश्य बेहद सुखद था।"
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने लिखा, "भारत की शक्ति उसकी नारी शक्ति में निहित है। पीएम मोदी गुजरात के बनासकांठा में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर में हमारे डेयरी और पशुपालन क्षेत्रों में बदलाव लाने वाली मेहनती महिलाओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनका समर्पण, लचीलापन और नेतृत्व एक सशक्त, आत्मनिर्भर भारत की सच्ची भावना है।"
प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपए से अधिक की राष्ट्रीय विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण भी किया। उन्होंने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर में डेयरी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं से मुलाकात की और कहा कि भारत की शक्ति उसकी नारी शक्ति में निहित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेतों और डेयरी से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी तक बनासकांठा विकास में नए कदम उठा रहा है। नवरात्रि के ठीक बाद मां अंबा की पवित्र धरती पर बोलते हुए उन्होंने महिलाओं, बच्चों, किसानों और पशुपालकों के लिए कई योजनाओं का शुभारंभ किया और देश भर के करीब 10 करोड़ छोटे किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त के रूप में 18,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की। गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों के खाते में 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा हुए, जिसमें बनासकांठा के लाखों परिवारों को लगभग 50 करोड़ रुपए मिले।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसान, हमारे अन्नदाता, विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं, और सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि 2013-14 के मुकाबले देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक बढ़ा दिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार की नीतियों से किसानों को 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक का लाभ या बचत हुई है। इसमें से अकेले पीएम किसान सम्मान निधि के तहत लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपए सीधे छोटे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। वैश्विक स्तर पर खाद की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच सरकार ने किसानों को राहत दी है।
पीएम ने कहा कि सरकार ने इस पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपए खर्च किए। साथ ही पिछले 12 साल में गेहूं और धान के किसानों को एमएसपी के रूप में 24 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत पिछले 10-12 वर्षों में किसानों को 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक मुआवजा मिला है। पीएम-कुसुम योजना के तहत लगभग 12 लाख सोलर पंप बांटे गए हैं, जिससे 80 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की बचत हुई है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और पिछले दशक में डेयरी और पशुपालन में विज्ञान और तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया है। अंत में पीएम ने कहा, "अपने जीवन के अंतिम क्षण तक, मैं केवल आपकी सेवा के लिए समर्पित रहूंगा।"
--आईएएनएस
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