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महिला आरक्षण से सुनिश्चित हो कि पर्दे के पीछे पुरुष जिम्मेदारी न संभालें: सरिता अग्रवाल

 

हैदराबाद, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा नेता डॉ. सरिता अग्रवाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र का आभार जताते हुए कहा कि यह नारी सम्मान के लिए बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि महिलाओं को आरक्षण देने के साथ ये सुनिश्चित करें कि पर्दे के पीछे से पुरुष राजनीति न चलाने पाएं।

भाजपा नेता सरिता अग्रवाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुझे नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांफ्रेंस ऑनलाइन अटेंड करने का मौका मिला। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं को उस अवस्था में पहुंचाना चाहता हूं, जब घर में दो पुरुष व्यापार की बातें कर रहे हों तो महिला को साथ में बैठकर अपने विचार साझा करने को कहे। महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बराबरी का दर्जा देने का यही नजरिया है। प्रधानमंत्री की ये बातें दिल को छू गईं।

सरिता अग्रवाल ने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का सचमुच सम्मान होना चाहिए। वास्तव में हर कोई इसका सम्मान कर भी रहा है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक पिता की तरह निर्णय लिया है। महिलाओं को राजनीति में ऊंचे पायदान तक पहुंचाने के लिए 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। जहां सत्ता और अधिकार होंगे, वहां महिलाओं में कर्तव्य-बोध भी अवश्य जागृत होगा। ऐसी दूरदर्शिता रखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया निर्णय अत्यंत प्रशंसनीय है।

लेकिन दरवाजा खोलना एक बात है, लेकिन उस रास्ते पर चलना भी सिखाना होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए कि देश की महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण तो मिल जाए, लेकिन राजनीति की बागडोर पर्दे के पीछे से पुरुष ही संभालें। इसलिए प्रधानमंत्री से एक विनम्र निवेदन है कि जिस तरह अनेक अतुलनीय कार्य किए हैं, उसी तरह वे यह भी सुनिश्चित करें कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी उतनी ही सक्रिय हो, जितनी ऊंची पदवी पर वे आसीन हैं। ऐसा न हो कि उनके पति, पिता, भाई या पुत्र पर्दे के पीछे से राजनीति चला रहे हों।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी