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महिला आरक्षण बिल एक क्रांतिकारी कदम : भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर

 

पुणे, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए संसद सत्र को तीन दिनों तक बढ़ाया है। भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को इस बिल की तारीफ की।

जावड़ेकर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह निस्संदेह एक क्रांतिकारी कदम है। महिलाओं के लिए समान अधिकारों की लड़ाई में, यह आरक्षण बेहद जरूरी था और इतने सालों तक किसी ने भी ऐसा बिल पेश नहीं किया था। पहले इस पर कोई आम सहमति नहीं थी, लेकिन अब मोदी सरकार यह बिल लाई है और इस पर सहमति बन गई है। मुझे लगता है कि अच्छी चर्चा के बाद यह सर्वसम्मति से पास होगा, क्योंकि इसमें जो 273 सीटें बढ़ेंगी, वह सभी सीटें देशभर में बढ़ेंगी। एससी-एसटी के जो भी आरक्षण हैं, वह नई सीटों को भी मिलेगा। सीटों का आकार कम होगा, लेकिन संख्या बढ़ेगी। इस बिल का बहुत स्वागत है, क्योंकि महिलाओं को अधिकारों से वंचित रखा गया। आज महिला पूरी ताकत से खड़ी है।"

केरल चुनाव को लेकर जावड़ेकर ने कहा, "केरल में वोटिंग बहुत जोरदार रही है, और फिलहाल, भाजपा का वहां पर एक भी विधायक नहीं है। इस बार, हमें बड़ी सफलता मिलेगी। सभी इलाकों से मिली जानकारी के आधार पर, तीनों पार्टियों के बीच मुकाबला दोहरे अंकों में है। अच्छी संख्या में हमारे लोग चुनकर आएंगे, लोगों को पीएम मोदी जैसी सरकार और योजनाएं चाहिए। हम पूर्ण बहुमत की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसका मुझे पूरा विश्वास है।"

केरल के अगले मुख्यमंत्री के सवाल पर जावड़ेकर ने कहा, "अगर बात हम तक आती है, तो हमारा संसदीय बोर्ड इस पर फैसला लेगा। आप भी यह बात समझते हैं, इसलिए यह कोई मुद्दा नहीं है। यह सच्चाई है कि मतदान में युवाओं और महिलाओं की तरफ से ज्यादा वोट आए, जिसे हम एक बहुत ही सकारात्मक संकेत मानते हैं। पिछले चुनाव की तुलना में भी 12 लाख वोट ज्यादा पड़े हैं। केरल की जनता को परिवर्तन चाहिए। केरल को पीएम मोदी जैसी काम करने वाली सरकार चाहिए।"

उन्होंने चुनाव से पहले पीएम मोदी के केरल दौरे की तारीफ करते हुए कहा, "पीएम मोदी के दो रोड शो और दो सभाएं बहुत विशाल रहीं और उनका केरल से कितना खास प्रेम है, वह दिखा था। अब लोग समझ रहे हैं कि मोदी जी के साथ रहना चाहिए।"

भाजपा नेता ने खास वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा, "24 लाख किसानों में से हर एक को खेती सुधार के लिए 44,000 रुपए मिले हैं। आजादी के बाद आज तक यह कभी नहीं हुआ। इसमें सभी जाति-मजहब के लोग हैं।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम