महिला आरक्षण का हमने समर्थन किया, लेकिन परिसीमन का विरोध : हुसैन दलवई
मुंबई, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि महिला आरक्षण के लिए हमने समर्थन किया है। लेकिन जिस तरह से सरकार परिसीमन करना चाहती है, उसका हम विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर सरकार को आगे नहीं आना चाहिए।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि दक्षिण के राज्यों की जो भावनाएं हैं, उस पर सरकार को विचार करना चाहिए। उनका रिप्रजेंटेशन कम नहीं होना चाहिए। जितना रिप्रजेंटेशन आज है वही रहना चाहिए।
परिसीमन बिल पास होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि परिसीमन बिल पास होने का सवाल ही नहीं है। सरकार चुनाव जीतने की राजनीति कर रही है।
मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की अखिलेश यादव की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के साथ-साथ ओबीसी महिलाओं के लिए भी आरक्षण होना चाहिए। अल्पसंख्यक महिलाओं को भी मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति ही गलत है। वो हिंदुत्ववाद की नीति पर काम कर रही है। मंदिर बनाना सरकार का काम नहीं है। यह धर्मनिरपेक्ष देश है, ऐसा नहीं होना चाहिए।
सुरेश भैया जी जोशी के बयान पर हुसैन दलवई ने कहा कि आरएसएस में सुरेश भैया जी जोशी को मुसलमानों से संबंध रखने के लिए रखा गया है। वो मुसलमानों की ओर से भी चार बातें बोलकर गुमराह करते रहते हैं। अयोध्या में विवादित ढांचा गलत तरीके से तोड़ा गया था। धर्म के नाम पर लोगों में गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। इससे देश का नुकसान होगा। धर्म की राजनीति से कोई देश आगे नहीं जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे के 'कॉर्पोरेट जिहाद' के बयान पर हुसैन दलवई ने कहा कि नितेश राणे की बातों को मैं ज्यादा अहमियत नहीं देता। उनको क्यों रखा गया है, सबको मालूम है। नासिक में जो घटना हुई वो गलत है। उन्होंने कहा कि किसी को नौकरी करना है तो नौकरी हीं करे। नमाज पढ़ना है तो घर जाकर पढ़े। नौकरी की जगह धर्म को लाना बिल्कुल गलत है। मुसलमानों को इंसानियत की बात माननी चाहिए। क्योंकि ये धर्मनिरपेक्ष देश है, इस्लामिक देश नहीं है। नासिक में जिस तरीके से महिलाओं को तकलीफ दी गई, ये बातें गलत हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा को किसी भी हालत में अपनी सरकार लानी है। बंगाल में भाजपा की सरकार बनने का कोई सवाल ही नहीं है। भाजपा वाले धांधली करके चुनाव जीतने की तैयारी कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में एक मई से ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा जरूरी कर दी गई है। जिसको लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि गरीब लोगों को तकलीफ देने की ये सारी बातें हैं। मैं टैक्सी, रिक्शा यूनियन का प्रेसिडेंट हूं। जिनको मराठी बोलना नहीं आता, उनको सिखाने का हम इंतजाम करते हैं। उनको मराठी आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये बातें अभी क्यों सामने आई हैं? क्योंकि रिक्शावालों से, टैक्सीवालों से पैसा वसूलने का धंधा है।
महिला आरक्षण विधेयक पर पीएम मोदी के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ये बिल लेकर आई थी, तब भाजपा ने विरोध किया था। भाजपा ने कभी महिलाओं के बारे में अच्छा सोचा है क्या? आरएसएस की शाखा में महिला जाती है क्या? आरएसएस की प्रमुख कभी महिला हुई हैं क्या? उन्होंने कहा कि सरकार को पहले आईने में देखना चाहिए। महिलाओं को अधिकार देने का काम राजीव गांधी ने किया। कांग्रेस का विरोध कहां है? कांग्रेस का विरोध परिसीमन को लेकर है, क्योंकि परिसीमन के जरिए दक्षिण के राज्यों के साथ अन्याय हो रहा है।
--आईएएनएस
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