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महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव बोले-हम बिल के खिलाफ नहीं, सरकार की जल्दबाजी पर उठाए सवाल

 

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन अन्य विधेयकों का विरोध करती है।

महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव ने कहा, "हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस जल्दबाजी में इसे लाया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। जनगणना होगी तो देश जातिगत जनगणना मांगेगा और जातिगत जनगणना होगी तो देश आरक्षण मांगेगा, लेकिन वे इन सब से बचना चाहते हैं। ये पीड़ित, दलित, मुस्लिम, पिछड़ा आदि आबादी के खिलाफ लोग हैं। देश में हम आंकड़े देखें तो आरक्षण के साथ-साथ संरक्षण की भी जरूरत है। ये सशक्तीकरण नहीं है, बल्कि ये तुष्टिकरण के लिए है। हम पिछड़ों की आबादी यदि 66 प्रतिशत भी मानकर चलें तो आप 33 प्रतिशत को आरक्षण दे रहे या कि 33 प्रतिशत महिलाओं का अधिकार छीन रहे हैं? हम महिला आरक्षण के पक्ष में है लेकिन जिस तरह से परिसीमन होगा, जनगणना नहीं हो रही, 2011 के आधार पर आंकड़ें तय होंगे, हम उसके विरोध में हैं।"

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, "महिला आरक्षण बिल 2023 में जिस प्रकार से पास हुआ था, हम उसे वैसे ही चाहते हैं। वह बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था और उसमें संशोधन लाना दिखाता है कि सरकार की नीयत में खोट है। परिसीमन को लेकर, जनगणना न होने को लेकर हमारा विरोध है। बहस होगी तो हम संसद में सारी बातों को रखेंगे।"

सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, "हमारी पार्टी कभी महिला आरक्षण के विरोध में नहीं थी और आज भी हम महिला आरक्षण के समर्थन में हैं लेकिन हमारे दल की चिंता यह है समाज का वंचित वर्ग जिसकी आवाज अब तक जिले तक नहीं पहुंच पाती, उसकी आवाज सदन तक कैसे पहुंचे? ये बात हम सदन के अंदर रखेंगे। सदन ये तय करेगा कि उनकी आवाज सदन तक कैसे पहुंचे ताकि उनकी पीड़ा का निराकरण किया जा सके।"

संसद के विशेष सत्र पर सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, "महिला आरक्षण बिल पहले की सर्वसम्मति से पास हो चुका है, किसी ने विरोध नहीं किया है। अब केंद्र सरकार जो ला रही है, ये बदनीयती है और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।"

--आईएएनएस

एसएके/वीसी