महिला आरक्षण बिल देश के इतिहास का सबसे सुनहरा पल: सिरसा
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जो कि 16 अप्रैल से शुरू होगा। इस सत्र को लेकर दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे देश के इतिहास का सबसे सुनहरा पल बताया।
नई दिल्ली में मंत्री सिरसा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें अधिक ताकत देने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से बेहतर कोई और मौका नहीं हो सकता। यह महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित होगा। बहनों-बेटियों को हमेशा पीछा छोड़ा जाता था। अब 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा, सभी को बधाई देता हूं।
सिरसा ने महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी के लेख का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का यह लेख नारी शक्ति के प्रति उनके अटूट विश्वास और विजन का प्रमाण है। 21वीं सदी का भारत तभी विकसित बनेगा, जब देश की नीति-निर्धारण में हमारी महिलाओं की बराबर की हिस्सेदारी होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में बताया है कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों और सामर्थ्य को नई उड़ान देने का माध्यम है। महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी दिलाने वाला यह ऐतिहासिक कदम हमारे लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा। यह समय दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एक साथ आने का है। यह पहल किसी एक सरकार या दल का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश की सोच और भविष्य से जुड़ा निर्णय है। सशक्त नारी, समृद्ध भारत का आधार है।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के बयान पर सिरसा ने कहा कि यह बेहद गलत और निंदनीय है। राजनीति में गंदी भाषा, घटिया टिप्पणियों और सस्ते कमेंट्स के लिए कोई जगह नहीं है। दूसरों को नीचा दिखाने वाली यह बयानबाजी एक बहुत ही घटिया मानसिकता को दर्शाती है।
किसान सम्मान निधि को सिरसा ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है। इससे साफ पता चलता है कि प्रधानमंत्री किसानों के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं और उनका कितना सम्मान करते हैं। वे सही तरीके से किसानों को सहयोग देते हुए उन्हें गरिमा और सम्मान प्रदान करते हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री को बधाई और सराहना देता हूं।
--आईएएनएस
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