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माहेश्वरी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश की प्रगति में निभाई अहम भूमिका: अमित शाह

 

जोधपुर, 10 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को जोधपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन और एक्सपो-2026 में शामिल हुए और जनसभा को संबोधित किया। इसको लेकर माहेश्वरी समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत माहेश्वरी समाज की तारीफ और उसके गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए की। अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने हमेशा देश के हर क्षेत्र में अपना योगदान दिया है। चाहे वह देश और विदेश में फैले माहेश्वरी रत्न हों, बड़े पदों पर पहुंचे लोगों की उपलब्धियां हों या अपने मूल समाज से जुड़े रहकर देश सेवा करना हो, माहेश्वरी समाज ने हर जगह एक मिसाल कायम की है।

शाह ने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों के समय में माहेश्वरी समाज ने हर बार देश और स्वतंत्रता के लिए योगदान दिया। स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी के अभियान के लिए भी महेश्वरी समाज ने पूरी आर्थिक मदद की। आजादी के बाद देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाना था और उद्योग, व्यापार व टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महेश्वरी समाज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। चाहे उत्पादन हो, ट्रेडिंग हो, मैन्युफैक्चरिंग हो या टेक्नोलॉजी, इस समाज ने हमेशा प्रगतिशीलता का परिचय दिया।

शाह ने कहा कि मारवाड़ के लोग दुनिया के हर कोने में फैले हुए हैं। व्यवसाय और व्यापार के क्षेत्र में माहेश्वरी समाज ने देश और राजस्थान दोनों को पहचान दी। उन्होंने कहा कि समाज के आयोजन और महाकुंभ जैसी सभाएं भारत को मजबूत बनाने का काम करती हैं। जब हर समाज अपने गरीब और कमजोर सदस्यों की देखभाल खुद करता है, तो पूरा भारत आत्मनिर्भर और मजबूत बनता है। शाह ने जोर देते हुए कहा कि माहेश्वरी समाज ने कभी देश को विभाजित नहीं किया, बल्कि संगठन और शक्ति के माध्यम से समाज और देश की सेवा की है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने माहेश्वरी समाज के योगदान के सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया। यह समाज हमेशा सेवा, सहयोग और आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आज के इस भव्य सम्मेलन में बिजनेस, बी2बी और बी2सी समझौते भी होंगे, जिससे देश के उत्पादन और आर्थिक क्षेत्र को फायदा मिलेगा।

शाह ने देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए बताया कि युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम और देश की उपलब्धियों से परिचित कराना बेहद जरूरी है। शाह ने चार उद्देश्य बताए: युवाओं को 1857 से 1947 तक के स्वतंत्रता संग्राम से परिचित कराना, व्यापारियों में गर्व की भावना जगाना, देश की उपलब्धियों का ज्ञान फैलाना और 140 करोड़ भारतीयों के दिलों में भारत के विचारों को जागृत करना।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी की सदी के लिए संकल्प लिया है और 2047 में भारत दुनिया में हर क्षेत्र में सबसे बेहतर स्थिति में होगा।

अमित शाह ने कहा कि 'अमृत काल' में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तीन मुख्य चीजें जरूरी हैं। पहला, उत्पादन और उद्योग को बढ़ावा देना; दूसरा, स्वदेशी चीजों का उपयोग और उत्पादन करना और तीसरा, अपनी स्वभाषा और संस्कृति को बच्चों में सिखाना। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं ही आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मदद करेंगी। शाह ने कहा कि घर में अपने बच्चों के साथ मारवाड़ी और हिंदी में बात करनी चाहिए ताकि वे अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़े रहें।

उन्होंने बताया कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था था और अब केवल 11 साल में चौथे नंबर पर पहुंच गया है। अगले साल की तैयारी के अनुसार भारत तीसरे नंबर पर भी पहुंच सकता है। इसके लिए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उत्पादन और शिक्षा में प्रगति बेहद जरूरी है।

शाह ने युवाओं और समाज के सभी लोगों से कहा कि दुनिया में आगे बढ़ने के लिए जितनी भाषाएं सीखनी हों सीखें, लेकिन अपने घर और बच्चों में अपनी मातृभाषा और संस्कृति को सिखाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि माहेश्वरी समाज ने हमेशा देश और समाज के लिए योगदान दिया है और आने वाले समय में भी यह परंपरा जारी रहेगी।

अमित शाह ने माहेश्वरी समाज की सेवा, योगदान और संगठन क्षमता की सराहना करते हुए सभी को प्रेरित किया कि वे अपने व्यवसाय, उत्पादन और समाज सेवा में निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज का योगदान केवल अपने समाज तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत और देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस