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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग

 

धुले, 28 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के धुले में शिक्षकों ने टीईटी पेपर लीक पर निराशा जताते हुए कहा कि महीनों की तैयारी के बाद हजारों उम्मीदवारों की उम्मीदें टूट गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

शिक्षक गिरीश पाटिल ने आईएएनएस से कहा कि महाराष्‍ट्र में 28 जून को होने वाली टीईटी की परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से प्रदेशभर के शिक्षकों में अनिश्चितता और निराशाजनक भाव पैदा हुआ है। शिक्षकों ने मई के महीने में टीईटी-2026 की तैयारी की थी। दिन के समय जनगणना और एसआईआर करने के साथ ही बाकी समय में पढ़ाई कर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। महाराष्‍ट्र में स्‍कूल 15 जून को खुल गए थे, इसकी तैयारी भी शिक्षकों ने की थी। शिक्षक टीईटी की परीक्षा देने वाले थे, लेकिन एग्‍जाम रद्द कर दिया गया। मेरी शासन से मांग है कि पेपर लीक मामले की निष्‍पक्ष जांच करे और दोषियों पर उचित कार्रवाई करे।

वहीं, प्राइमरी शिक्षक किरण पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र टीईटी यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द होने से अभ्‍यर्थी टीचरों में निराश हो गई है। देश में परीक्षा पेपर लीक होना दुर्भाग्‍य की बात है। पहली बात यह कि शिक्षकों के लिए पेपर लेना ही गलत है। उन्होंने कहा कि करीब 20 साल के अनुभव के बाद भी शिक्षकों की परीक्षा लेना अन्‍याय है। शिक्षकों के पास शिक्षण के अलावा एसआईआर और जनगणना जैसे कई काम करने पड़ते हैं। शिक्षक इन सबके बावजूद परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की और पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया। हमारी मांग है कि इस प्रकरण में निष्‍पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद दोषियों को सजा दे।

इसके अलावा, भिवंडी में टीईटी पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को 6 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजने के कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के वकील नीलेश और मारिया अंसारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रिमांड आदेश पर बचाव पक्ष का पक्ष रखा और अपने मुवक्किलों की ओर से चल रही कानूनी कार्रवाई पर टिप्पणी की।

वकील नीलेश गायकवाड ने कहा कि टीईटी पेपर लीक मामले के आरोपी बिहार और कुछ राजस्‍थान से संबंध रखते हैं। टीईटी का पेपर महाराष्‍ट्र का शिक्षा विभाग बनाता है। पेपर महाराष्‍ट्र में लीक होता है और आरोपी बिहार व यूपी का पकड़ा जाता है। ऐसे में सामान्‍य बात है कि यहां का ही कोई आरोपी शिक्षा विभाग से संबंध रखता है। मारिया अंसारी ने कहा कि इन छह दिनों में इनवेस्‍टीगेशन के दौरान महाराष्‍ट्र के आरोपियों की जांच होगी।

वहीं, आरोपी धीरज सिंह की ओर से पेश दिल्ली हाईकोर्ट के वकील सितेंद्र रेड्धू ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रिमांड आदेश और अपने क्लाइंट से जुड़ी कानूनी कार्रवाई पर बचाव पक्ष का पक्ष रखा।

वकील सितेंद्र रेड्धू ने आईएएनएस से कहा कि पुलिस ने उनका छह दिन का पुलिस कस्‍टडी मांगा है, जिसका आदेश मिल गया है। आरोपी को जबरदस्‍ती एक्‍यूज बनाया गया है, उनके पास कोई रिकवरी नहीं है। वह अपने दोस्‍तों के साथ यहां घूमने के लिए आए थे। दरअसल, धीरज पहले से बीमार हैं, तीन महीने पहले उनकी सर्जरी हुई है।

वकील ने कहा कि हमने कोर्ट से पुलिस कस्‍टडी को कम करने की मांग रखी थी और मेडिकल समस्‍याओं में मदद का अनुरोध किया था। लेकिन मेरी कोई दलील सुनी नहीं गई।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी