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महाराष्ट्र : शक में भाई बना कातिल, छह वर्ष बाद कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

 

पुणे, 3 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के छह वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में पालघर के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सगे भाई की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 10,500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने मजबूत साक्ष्यों और 11 गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया।

मामला तलासरी पुलिस थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोपी राजेश रुपजी डोल्हारे (35 वर्ष), निवासी आमगांव शिवपाड़ा, तहसील तलासरी, जिला पालघर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी का अपने सगे भाई वसंत रुपजी डोल्हारे के साथ खेती के विवाद को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। वहीं, 7 मार्च 2020 को मृतक की बेटी और आरोपी के छोटे बेटे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इस दौरान मृतक ने अपनी बेटी से कहा कि मेरा एक ही भाई है, उसे मत रुलाओ। आरोपी ने गलतफहमी में यह समझ लिया कि मृतक उसे ताना मार रहा है। इसी शक में उसने अपने भाई को घर के बाहर बुलाया और हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी से कई वार करके निर्मम हत्या कर दी।

घटना के बाद तलासरी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक सागर पाटिल ने की, जबकि आगे की जांच तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक उमेश रोठे ने संभाली। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ ठोस और पुख्ता साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद तत्कालीन प्रभारी पुलिस निरीक्षक अजय वसावे ने पालघर के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध होने पर शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, पालघर-1 की न्यायाधीश एआर रहाणे ने आरोपी राजेश रुपजी डोल्हारे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा 10,500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

मामले में सरकारी वकील रेखा हिवराळे, तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक सागर पाटिल एवं पुलिस उपनिरीक्षक उमेश रोठे तथा सहायक पुलिस उपनिरीक्षक मनोज पाटिल ने प्रभावी पैरवी और कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सकी।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम