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महाराष्ट्र: ओबीसी नेता शब्बीर अहमद अंसारी का निधन, सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर

 

जालना, 22 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के जालना जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। 79 साल की उम्र में ओबीसी मुस्लिम समाज के वरिष्ठ नेता और सामाजिक न्याय के प्रखर योद्धा शब्बीर अहमद अंसारी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से पूरे महाराष्ट्र और देशभर के ओबीसी समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।

अंसारी जालना के पुराने इलाके में रेलवे गेट के पास स्थित नूतन वसाहत में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटे और छह बेटियां हैं। आज रात ईशा की नमाज के बाद रात 9 बजे उनके निवास स्थान से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सय्यद अहमद शेर सवार दरगाह में नमाज-ए-जनाजा अदा की जाएगी और नजदीकी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

शब्बीर अहमद अंसारी को ओबीसी आंदोलन का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था। उन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों, आरक्षण और सामाजिक न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया। वे ऑल इंडिया मुस्लिम ओबीसी ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष रहे और इस पद पर रहते हुए उन्होंने महाराष्ट्र समेत पूरे देश में ओबीसी समाज को संगठित करने का कार्य किया। उनके नेतृत्व में शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे अहम मुद्दों पर 50 से अधिक सरकारी निर्णय लागू कराए गए, जो ओबीसी समाज के लिए मील का पत्थर साबित हुए।

अंसारी की खास पहचान आम लोगों से सीधे संवाद करने और जटिल सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को सरल भाषा में समझाने की थी। इसी वजह से उन्हें समाज के हर वर्ग में व्यापक सम्मान मिला। वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता थे, जिन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज बुलंद की। शब्बीर अहमद अंसारी ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मुस्लिम समाज के पिछड़े वर्गों को ओबीसी श्रेणी में शामिल कराने के लिए भी लगातार प्रयास किए।

उन्होंने देश के विभिन्न ओबीसी नेताओं के साथ मिलकर आंदोलन को मजबूती दी और राष्ट्रीय स्तर पर कई अहम बैठकों में भाग लिया। वरिष्ठ अभिनेता दिलीप कुमार के साथ भी उन्होंने ओबीसी अधिकारों को लेकर कई मंच साझा किए। हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर में मंडल दिवस के अवसर पर आयोजित ओबीसी सम्मेलन में उनका भाषण उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण था। उन्होंने युवाओं से समानता और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया था।

शब्बीर अहमद अंसारी के निधन को सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। राज्यभर के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

--आईएएनएस

पीएसके