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महाराष्ट्र निकाय चुनाव: शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा पर लगाए आरोप, वोटर्स में बांटा जा रहा पैसा और सामान

 

मुंबई, 15 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में हो रहे बीएमसी चुनाव की वोटिंग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अरविंद सावंत ने चुनावी माहौल को बेहद खराब बताते हुए कहा कि उन्होंने 1968 से मुंबई और महाराष्ट्र के चुनाव देखे हैं, लेकिन इस तरह का चुनाव पहले कभी नहीं देखा।

अरविंद सावंत ने कहा कि पहले चुनावों के दौरान कभी-कभार बहस या हल्की झड़पें होती थीं, लेकिन अब खुले तौर पर लोगों को पैसे और सामान बांटा जा रहा है।

उन्होंने इसे सीधा-सीधा प्रलोभन और वोट खरीदने की प्रक्रिया बताया। सावंत ने कहा, "वोट खरीदने का काम शुरू हो चुका है और यह बेहद चिंताजनक है। स्थिति इतनी खराब है कि इसे देखकर समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि चुनाव किस दिशा में जा रहा है।"

उन्होंने चुनावी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। सावंत ने कहा कि मतदान केंद्रों की हालत बेहद खराब है। आप खुद जाकर देखिए, चारों तरफ धूल ही धूल है। प्रदूषण इतना ज्यादा है कि वहां पूरे दिन बैठे कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और अन्य स्टाफ के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। जो लोग वहां सूचना देने के लिए तैनात हैं, वे भी उसी धुएं और धूल में बैठे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आज भी मतदाता सूचियों में कई तरह की गलतियां मौजूद हैं।

इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे ने मतदान किया। मतदान के बाद दानवे ने कहा कि चुनाव होना लोकतंत्र के लिए सही है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी, खासकर भारतीय जनता पार्टी की भूमिका पर सवाल उठते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने लोगों के जरिए पैसे बांट रही है और अन्य दलों के उम्मीदवार इसका विरोध कर रहे हैं। दानवे ने यह भी कहा कि कई जगह पुलिस भाजपा के साथ सहयोग करती नजर आई। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि जनता सतर्क और जागरूक है और सच्चाई को समझ रही है।

मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने ठाकुर विलेज स्थित दादाजी कुंड देव स्कूल में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया।

आनंद दुबे ने कहा, "सच परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता। शुरुआत में मेरा नाम सही जगह पर नहीं था। जिस मतदान केंद्र पर मैं पहले वोट देता था, उसे बदलकर मुझे दूसरे वार्ड में भेज दिया गया।"

उन्होंने बताया कि उनके पास निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र मौजूद है, जिसमें उनका ईपीआईसी नंबर दर्ज है। आनंद दुबे ने कहा कि केवल ईपीआईसी नंबर डालते ही किसी भी मतदाता का सही मतदान केंद्र तुरंत पता चल जाना चाहिए। मतदाता सूची की खामियों को दूर किया जाना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी)-मनसे गठबंधन पर, बीएमसी चुनाव के लिए शिवसेना उम्मीदवार प्रिया सरवणकर गुरव ने कहा, "यह एक कॉर्पोरेशन चुनाव है। यहां मुद्दा यह है कि उम्मीदवार ने व्यक्तिगत स्तर पर क्या काम किया है। दो भाइयों के एक साथ आने से आज आम लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं होंगी।"

कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा, "मैं कहना चाहती हूं कि यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार है। वोट देना हमारे देश के संविधान द्वारा सभी को दिया गया एक मौलिक अधिकार है। सभी को इसका इस्तेमाल करना चाहिए। सभी को आगे आकर वोट देना चाहिए।"

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी