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महाराष्ट्र में भाषा पर सियासत, हाजी अराफात शेख बोले—यूपी के लोग भी मराठी बोलकर देंगे संदेश

 

मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा जरूरी करने पर भाजपा नेता हाजी अराफात शेख ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि आज प्रताप सरनाईक, रामदास आठवले और आशीष शेलार जैसे नेताओं की मौजूदगी में, मुंबई में बड़ी हस्तियों के सामने शपथ ग्रहण समारोह होगा। वे शपथ लेंगे कि छह महीने के अंदर वे अपनी मराठी बोलने की स्किल्स को बेहतर बनाएंगे और तरक्की दिखाएंगे।

उन्होंने कहा कि यूपी के कई लोग मराठी बोलेंगे और उनको संदेश देंगे कि हमको भाषा मत सिखाओ। कानून सबके लिए एक जैसा है। अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति कुछ गलत करता है, तो उससे निपटने के लिए कानून, पुलिस, प्रशासन और सरकार है।

उन्होंने कहा कि मैं किसी गलत व्यक्ति का समर्थन नहीं करता। अगर कोई बांग्लादेशी या पाकिस्तानी यहां आकर गैर-कानूनी तरीके से रिक्शा चलाता है, तो मैं उसका समर्थन नहीं करूंगा। मेरा स्टैंड ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

एक मई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जोर दिया था कि जहां अपनी मातृभाषा पर गर्व करना जरूरी है। राज्य सरकार भाषा के आधार पर होने वाली हिंसा या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र दिवस के मौके पर हुतात्मा चौक पर मीडिया से बात करते हुए ये बात कही थी। उन्होंने कहा था कि राज्य में रहने वाले हर व्यक्ति को स्थानीय भाषा सीखनी चाहिए। उन्होंने भाषाई गौरव के नाम पर हिंसा या डराने-धमकाने के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी थी।

राज्य सरकार ने रिक्शा चालकों को मराठी बोलने और जिनको नहीं आती, उनको सीखने के लिए अनिवार्य कर दिया, जिसके बाद रिक्शा यूनियनों ने विरोध किया। रिक्शा यूनियनों के विरोध की वजह से सरकार को अनुपालन की समय सीमा अगस्त तक बढ़ानी पड़ी।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सवाल उठाया था कि किसी में मराठी बोलने से इनकार करने की 'हिम्मत' कैसे हो सकती है? जिसके बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। राज ठाकरे ने सरकार की नरमी की आलोचना करते हुए सुझाव दिया था कि नियमों का पालन न करने वाले चालकों के परमिट तुरंत रद्द कर दिए जाने चाहिए।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी