महाराष्ट्र : कल्याण में फेक पुलिस गिरोह का भंडाफोड़, 5 लाख की ठगी के मामले में 8 आरोपी गिरफ्तार, 2.36 लाख नकद और दो स्कॉर्पियो जब्त
कल्याण, 4 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के कल्याण में पुलिस का रूप धारण कर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। कोलसेवाडी पुलिस ने 5 लाख रुपए की ठगी के इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी गिरोह से 2 लाख 36 हजार रुपए नकद, अपराध में इस्तेमाल की गई दो स्कॉर्पियो गाड़ियां और 9 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, पुणे के वाघोली निवासी दीपक शिंदे को आरोपियों ने 5 लाख रुपए के बदले 7 लाख रुपए (10, 50 और 100 रुपये के नोटों में) देने का लालच दिया। इसके लिए उन्हें कल्याण पूर्व बुलाया गया। शिकायतकर्ता 5 लाख रुपए लेकर विठ्ठलवाडी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां आरोपियों ने सुट्टे (नकली) पैसे देने का बहाना बनाया। तभी एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 3-4 लोग उतरे और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पूछताछ का नाटक किया। उन्होंने शिकायतकर्ता के साथ आए पैसे बदलने वाले व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाया और दीपक शिंदे के हाथ से 5 लाख रुपए से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही कोलसेवाडी पुलिस ने क्राइम नंबर 103/2026 के तहत मामला दर्ज किया। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर जांच शुरू की। पता चला कि आरोपी स्कॉर्पियो (एमएच-04-जीडी-7823) से पुराने पुणे हाईवे की ओर जा रहे हैं। इस सूचना पर तलेगाव दाभाडे पुलिस को अलर्ट किया गया। सोमाटणे फाटा टोल नाके पर नाकाबंदी कर गाड़ी को घेर लिया गया और चार आरोपी गिरफ्तार हुए।
बाकी आरोपी आलांदी मार्ग से अहिल्यानगर (अहमदनगर) की ओर भाग रहे थे। राहुरी पुलिस थाने की मदद से वहां भी नाकाबंदी की गई और बाकी आरोपियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में संजय नागोजीराव भोसले (56), गौसपाक गुलाम हुसैन शेख (36), सोमीनाथ तुळशीराम गायकवाड (50), अरविंद नागनाथ जॉजट (39), उमाशंकर हनुमान प्रसाद पांडे उर्फ पप्पू (51), शरद कुमार मोहन (46), नरेश फट्टू शर्मा (45) और लक्ष्मण उर्फ प्रदीप विश्वनाथ धनवे (38) शामिल हैं।
यह सफल कार्रवाई पुलिस उपायुक्त अतुल झेंडे, सहायक पुलिस आयुक्त कल्याणजी घेटे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हेमंत गुरख और पुलिस निरीक्षक गणेश न्हायदे के मार्गदर्शन में कोलसेवाडी पुलिस टीम ने अंजाम दी। पुलिस का कहना है कि गिरोह पुलिस का झूठा परिचय देकर लोगों को डराता-धमकाता और ठगी करता था।
--आईएएनएस
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