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महाराष्ट्र कांग्रेस ने एसआईआर मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग से की मुलाकात, समयसीमा बढ़ाने की मांग

 

मुंबई, 11 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को महाराष्ट्र चुनाव आयोग के प्रमुख से मुलाकात की। इसकी जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने कहा कि एसआईआर अभी शुरुआती चरण में है और फिलहाल केवल मैपिंग का काम चल रहा है, लेकिन उसमें भी पूरी पारदर्शिता नहीं दिख रही है। पार्टी ने अपनी शंकाएं आयोग के सामने रखी, जिस पर आयोग ने भरोसा दिलाया कि सभी मुद्दों पर काम किया जाएगा और चिंताओं को दूर किया जाएगा।

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने बैठक के बाद आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण थी, क्योंकि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई ऐसे सवाल सामने आए हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। जिस तरह से एसआईआर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, उसमें दिए गए एक महीने के समय को पर्याप्त नहीं माना जा सकता। कांग्रेस ने इस समयसीमा को बढ़ाने की मांग रखी है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सही तरीके से पूरी हो सके।

चरण सिंह सपरा ने यह भी कहा कि मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में बड़े स्तर पर विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जैसे बीडीडी चॉल पुनर्विकास और अन्य शहरी विकास योजनाएं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी विकास कार्य या पुनर्वास के कारण किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से न काटा जाए। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि ऐसे लोगों के लिए क्या विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।

इसके अलावा, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। सपरा के अनुसार, अभी तक बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) की पूरी नियुक्ति नहीं हो पाई है और केवल लगभग 50 से 55 प्रतिशत ही नियुक्तियां पूरी हुई हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर प्रशासनिक कमी बताया और कहा कि इससे मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि जल्द ही सभी नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी और 30 जून से पहले प्रक्रिया को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।

इस दौरान कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री यह मानते हैं कि देश में विकास की असली शुरुआत 2014 में हुई, जबकि वास्तविकता यह है कि आधुनिक भारत की नींव बहुत पहले रखी जा चुकी थी। देश की बुनियाद पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं ने रखी थी। आजाद भारत की संस्थागत संरचना, विज्ञान, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे की नींव उसी समय तैयार हुई थी। आज जो भी इमारत खड़ी दिखाई देती है, उसकी नींव पहले ही मजबूत कर दी गई थी और वर्तमान सरकार उस पर आगे निर्माण कर रही है, लेकिन उसे इतिहास को तोड़-मरोड़कर नहीं देखना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि तुलना किसी सरकार के कार्यकाल की नहीं होनी चाहिए, बल्कि योगदान और कार्यों की होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पंडित नेहरू ने देश के लिए जो योगदान दिया है, उसकी तुलना वर्तमान नेतृत्व से नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, नेहरू ने देश के लिए व्यक्तिगत त्याग किया, लंबे समय तक जेल में रहे और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम