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महाराष्ट्र: 15 अगस्त के बाद मराठी नहीं सीखने वाले गैर मराठी ऑटो-टैक्सी चालकों पर होगी सख्ती

 

मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार के परिवहन विभाग ने राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने वाले गैर मराठी चालकों के लिए मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान अनिवार्य करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 अगस्त के बाद जिन गैर मराठी ऑटो-टैक्सी चालकों के पास मराठी भाषा का प्रमाणपत्र नहीं होगा, उनके खिलाफ नियमों के तहत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मार्गदर्शन में लागू की जा रही इस पहल के तहत 1 जून से 15 अगस्त के बीच सभी गैर मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए चार घंटे का 'मराठी भाषा संचार पाठ्यक्रम' पूरा करना अनिवार्य किया गया है।

इस कार्यक्रम के लिए महाराष्ट्र राज्य मराठी भाषा विभाग, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ को अधिकृत विशेषज्ञ संस्थाओं के रूप में नियुक्त किया गया है। इन संस्थाओं के माध्यम से चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जाएगा और परिवहन विभाग केवल इन्हीं संस्थाओं द्वारा जारी प्रमाणपत्रों को मान्यता देगा।

परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त रवि गायकवाड़ के अनुसार, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में इस प्रशिक्षण अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। इसके लिए करीब 71 अध्ययन केंद्र सक्रिय किए गए हैं। अभियान को मजबूत बनाने के लिए कोंकण मराठी साहित्य परिषद के लगभग 4,500 शिक्षक प्रशिक्षण कार्य में शामिल हुए हैं। साथ ही सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भी चालकों को आवश्यक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

विभाग ने बताया कि इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच संवाद में आने वाली भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करना, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और चालकों के पेशेवर अवसरों को बढ़ाना है। मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान होने से यात्रियों और चालकों के बीच संवाद अधिक प्रभावी होगा और दैनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी।

परिवहन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 15 अगस्त के बाद जिन गैर मराठी चालकों के पास आधिकारिक प्रमाणपत्र नहीं होगा, उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि सभी चालकों को नि:शुल्क प्रशिक्षण का लाभ उठाकर समय रहते प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी