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महागौरी पूजा : सौभाग्य, समृद्धि और अखंड सुहाग की कामना के साथ भक्तों में उत्साह

 

नोएडा, 26 मार्च (आईएएनएस)। नवरात्रि के पावन पर्व के अंतर्गत आज अष्टम स्वरूप की अधिष्ठात्री देवी महागौरी की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

महागौरी पूजा आज : सौभाग्य, समृद्धि और अखंड सुहाग की कामना के साथ भक्तों में उत्साह

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी महागौरी सौभाग्य, धन-संपदा, सौंदर्य और स्त्री-सुलभ गुणों की प्रतीक मानी जाती हैं। उनका स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और दिव्य है, जो भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार करता है। कहा जाता है कि कठोर तपस्या के कारण देवी पार्वती का रंग काला पड़ गया था, जिसके बाद भगवान शिव ने उन पर गंगाजल छिड़का, जिससे वे अत्यंत गौर वर्ण की हो गईं और महागौरी के नाम से प्रसिद्ध हुईं।

महागौरी को सृष्टि का आधार माना जाता है और वे अक्षत सुहाग की प्रतीक हैं। विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए इस दिन का महत्व अत्यधिक होता है। मान्यता है कि जो महिलाएं श्रद्धा और विधि-विधान से देवी महागौरी की पूजा करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार में समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अविवाहित कन्याएं भी उत्तम वर की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत और पूजा करती हैं।

मंदिरों में आज सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं श्रृंगार कर, हाथों में पूजा की थाली लेकर माता के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए पहुंच रही हैं। कई स्थानों पर कन्या पूजन की भी तैयारी की जा रही है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन सफेद रंग का विशेष महत्व होता है, इसलिए श्रद्धालु सफेद वस्त्र धारण कर पूजा करते हैं। दूध, दही, मिठाई और नारियल का भोग लगाना शुभ माना जाता है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर महागौरी की आराधना से भक्तों को मानसिक शांति, आत्मिक शक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। देवी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है और हर ओर आस्था की लहर दिखाई दे रही है।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीसीएच