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देशभर में भक्ति और आस्था के साथ मनाई गई महाशिवरात्रि, वीडियो में देखें महाकाल और ओंकारेश्वर में उमड़ा जनसैलाब, उज्जैन महाकाल ने पहना 11 फुट का सेहरा

 

देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष भी अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों सहित देश के प्रमुख शिव मंदिरों में आधी रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। भक्तों ने पूरी आस्था के साथ जलाभिषेक, पूजन और रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मंदिर में आज करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। महाकाल मंदिर के पट रात 2:30 बजे से खोल दिए गए थे और यहां लगातार 44 घंटे तक दर्शन और पूजन का क्रम जारी रहा। इस दौरान विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल की शयन आरती नहीं की गई, ताकि श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के दर्शन कर सकें।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष दूल्हे के रूप में श्रृंगार किया गया। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने करीब 3 क्विंटल फूल मंगाए थे। इसमें 100 किलो आंकड़े के फूल, सवा लाख बेल पत्र और 200 किलो देसी फूलों का उपयोग किया गया। इन फूलों से करीब 11 फीट लंबा भव्य सेहरा तैयार किया गया, जिसने बाबा महाकाल की छटा को और भी दिव्य बना दिया।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे साल में एक बार होने वाली विशेष भस्म आरती भी आयोजित की जाएगी। यह भस्म आरती महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष महत्व रखती है और इसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

इसी तरह मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में भी महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर के पट रात 3 बजे खोल दिए गए थे और यहां लगातार 24 घंटे तक दर्शन और पूजन चलता रहा। श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में स्नान कर भगवान ओंकारेश्वर का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार व्यवस्था संभालती नजर आई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

देश के अन्य ज्योतिर्लिंगों जैसे काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, सोमनाथ और बैद्यनाथ धाम में भी महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन किए गए। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

महाशिवरात्रि का यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर और पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

इस प्रकार महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरे देश में आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हर शिवालय में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।