माघ मेले में भगदड़ की संभावना पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका जाना सही था: अनामिका जैन अंबर
संभल, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अपनी कविता और भजनों से सबका दिल जीतने वाली अनामिका जैन अंबर हर मुद्दे पर मुखर होकर अपनी राय रखती हैं। अब उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और सीएम योगी के बीच हुए विवाद और सनातन धर्म पर खुलकर बात की है।
कवियत्री का कहना है कि देश की महिलाओं और लड़कियों को धर्म और देश के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
कवियत्री अनामिका जैन अंबर ने कहा, "देश में हिंदुत्व और सनातन को लेकर जागरूकता आना बहुत जरूरी है, खासकर देश की बेटियों से अपील है कि वे सनातन धर्म को समझें। उन्होंने कहा कि जो भी सनातन धर्म का प्रचार करता है और धर्म को आगे ले जाने की बात कहता है, उसे पूरे देश का समर्थन मिलता है और हमारा समर्थन भी उन्हीं के साथ है।"
'हम दो हमारे तीन' के नारे पर कवियत्री ने कहा, "सनातन धर्म को बढ़ाने की बात हो रही है जो जरूरी भी है, लेकिन संख्या बढ़ाने के साथ-साथ हिंदुओं के दिलों में हिंदुत्व को जगाने की लहर भी होनी चाहिए। मुझे नहीं लगता कि किसी को भी इस बात का विरोध करना चाहिए, क्योंकि देश में देशविरोधी लोग बहुत हैं। ऐसे में हमारे दिलों को ये बात समझनी है कि कम से कम उन लोगों का साथ जरूर दें जो धर्म और देश को आगे ले जाने की बात कर रहे हैं।"
माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रयागराज प्रशासन के बीच चली तकरार पर कवयित्री अनामिका जैन अंबर ने कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि लोगों को ये जानना जरूरी है कि वहां क्या हुआ था। हमारे सीएम ने इसके बारे में बात भी की थी। मैं दिल से साधु-संतों का सम्मान भी करती हूं और हमारे देश में भी भगवा को सम्मान दिया जाता है, लेकिन अगर आप उस रास्ते से जा रहे हैं, जहां भगदड़ की संभावना है तो उन्हें रोका जाना सही है। किसी तरह की अनहोनी न हो, इसलिए सीएम ने अनुरोध किया था, लेकिन शंकराचार्य ने इसे व्यक्तिगत तौर पर लिया। हमें सोचना है कि क्या सही है और क्या गलत।"
रमजान के महीने में दिल्ली में शराब की दुकानों को बंद करने की अपील का समर्थन करते हुए कवियत्री ने कहा, "तो यह अच्छी बात है। मेरा मानना है कि इसे पूरे देश में एक ही नजरिए से देखा जाना चाहिए। किसी भी चीज की अति बुरी होती है। यदि कोई चीज एक सीमा के भीतर है, एक दायरे में है और कानून के अनुसार लाइसेंस नियमों का पालन करते हुए चल रही है, तो उसे केवल उसी दायरे में काम करना चाहिए।"
--आईएएनएस
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