'मध्य पूर्व की जंग पूरी मानवता पर कलंक, हम खामोश नहीं रह सकते,' पोप लियो का सीजफायर के लिए भावुक आह्वान
वेटिकन सिटी, 22 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में जारी हिंसा और युद्ध को लेकर पोप लियो ने गहरी चिंता जताते हुए इसे "पूरी मानवता पर एक कलंक" बताया है। उन्होंने तत्काल युद्धविराम (सीजफायर) की अपील की है।
मिडिल ईस्ट के हालात पर पहले अमेरिकी पोप ने कहा कि वह इस क्षेत्र और दुनिया के अन्य संघर्षग्रस्त इलाकों की स्थिति को "व्यथा और निराशा" के साथ देख रहे हैं।
सेंट पीटर्स स्क्वायर में साप्ताहिक एंजेल्स प्रार्थना के दौरान उन्होंने कहा, “हम इतने लोगों के दुख के सामने खामोश नहीं रह सकते, खासकर उन बेबस लोगों के लिए, जो इन संघर्षों के शिकार हैं। उनका दर्द पूरी मानवता का दर्द है।”
पोप लियो ने जोर देते हुए कहा कि दुनिया को सिर्फ चिंता जताने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रार्थना जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे संघर्ष समाप्त होने और स्थायी शांति का रास्ता खुल सकता है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव और हिंसा लगातार बढ़ रही है। 28 फरवरी को शुरू हुआ संघर्ष 23वें दिन खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर शनिवार को हमला किया गया। संवर्धन परिसर पर ये लड़ाई शुरू होने के बाद दूसरा हमला था। ईरानी परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इसकी सूचना आईएईए को दी कि गनीमत रही कि कोई रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ।
शनिवार रात को ही ईरान की ओर से इजरायल के दो शहरों को निशाना बनाया गया। इनमें से एक डिमोना को इजरायल के परमाणु केंद्र के तौर पर जाना जाता है।
दोनों ओर से परमाणु परिसरों को निशाना बनाए जाने से डब्ल्यूएचओ भी फिक्रमंद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने इसे मध्य पूर्व संघर्ष को खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है।
--आईएएनएस
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