मध्य प्रदेश सरकार यूथ कॉन्क्लेव की बजाय शिक्षा में सुधार लाए : जीतू पटवारी
भोपाल 6 अक्टूबर (आईएएनएस) मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने छात्रों से संवाद करने के लिए भोपाल में यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया है। इस पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल उठाते हुए कहा है कि यूथ कॉन्क्लेव की बजाय सरकार को शिक्षा में सुधार लाने के प्रयास करने चाहिए । दरअसल राजधानी के लाल परेड मैदान में यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हिस्सा लेने वाले हैं।
पटवारी ने कहा कि युवाओं को बुलाने से युवा आपके ( मुख्यमंत्री ) साथ नहीं आएंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने बताया कि भोपाल और करीबी जिलों के निजी विश्वविद्यालयों से करीब 13,000 विद्यार्थियों को “सीएम यूथ कॉन्क्लेव” में लाने की व्यवस्था के निर्देश हैं।बसें लगेंगी, शिक्षक प्रभारी होंगे, बैनर लगेंगे, नाश्ता, खाना होगा और खर्च विश्वविद्यालयों की संचित निधि से किया जाएगा!
जीतू पटवारी ने सवाल किया है कि मध्यप्रदेश के युवाओं को कॉन्क्लेव चाहिए या करियर? सरकारी झूठ के सच्चे फोटो चाहिए या रोजगार? भाषण चाहिए या बेहतर शिक्षा? राज्य की भाजपा सरकार यह कब समझेगी कि युवाओं को बसों में भरकर सरकारी कार्यक्रम में लाने से प्रदेश का भविष्य नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा है कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, रोजगार देने, भर्ती परीक्षाएं समय पर करवाने, खाली पद भरने को अपनी प्राथमिकता कब बनाएगी? मप्र का युवा तालियां बजाने के लिए नहीं, अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए पढ़ रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त द्वारा निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग को लिखे गए एक पत्र को भी साझा किया है। इस पत्र में भोपाल और उसके आसपास के 13000 विद्यार्थियों को भोपाल बस से लाने की बात कही गई है। एक बस में 50 छात्र-छात्राएं आएंगे और उनकी जिम्मेदारी एक महिला और एक पुरुष प्राध्यापक पर रहेगी।
दरअसल वर्तमान दौर की राजनीति में युवा को हर राजनीतिक दल लुभाने की कोशिश में लगा हुआ है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी युवाओं से जगह-जगह जाकर संवाद कर रहे हैं उसी क्रम में भाजपा भी युवाओं को अपने करीब लाने की कोशिश में जुटी है।इसी के तहत भोपाल में यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है।
--आईएएनएस
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