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मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरों पर कार्रवाई, पुलिस अधिकारी और राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार

 

भोपाल, 27 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोशिश जारी है। लोकायुक्त द्वारा सरकारी कामकाज के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ कारवाई की जा रही है।

इसी क्रम में पुलिस महकमें का सहायक उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक रिश्वत लेते पकड़ा गया है। इंदौर के लोकायुक्त दल ने खरगोन के कसरावद के सहायक उप निरीक्षक रवीन्द्र कुमार गुरु को 7000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।

इंदौर के पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक मांगीलाल उपाध्याय ग्राम चंदावड, तहसील भगवानपुरा, जिला खरगोन का निवासी है और खेतीबाडी करता है। उपाध्याय के विरुद्ध कसरावद निवासी राजेश बागदरे ने पुलिस थाना कसरावद में जान से मारने की धमकी दिये जाने की शिकायत की थी।

उपाध्याय के विरुद्ध थाना कसरावद में की गई शिकायत का निराकरण किये जाने के एवज में सहायक उप निरीक्षक गुरु द्वारा उपाध्याय से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। उपाध्याय द्वारा शिकायत इंदौर लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की गई।

सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को ट्रैप दल का गठन किया गया, जिस पर सहायक उपनिरीक्षक रवीन्द्र कुमार गुरू को श्यामलाल उपाध्याय से कसरावद बस स्टैंड पर 7,000 रुपए की रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अतर्गत कार्यवाही जारी है।

इसी तरह का एक अन्य मामला शिवपुरी जिले के पोहरी से सामने आया है। जहां नक्शा में सुधार करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। ब्रकभान सिंह ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर को आवेदन दिया कि जमीन का नक्शा सुधार करने के एवज में 5000 रुपए रिश्वत की मांग की गई, जिसमें से 1000 पहले ही दिए जा चुके थे।

राजस्व निरीक्षक देवेंद्र जैन को 2000 रुपये की राशि दिए जाने के दौरान ही रंगे हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त दल ने आरोपी जैन को रिश्वत राशि स्वयं के घर के नीचे, मेला ग्राउंड के सामने सिद्धेश्वर कॉलोनी शिवपुरी में हाथों पकड़ा।

--आईएएनएस

एसएनपी/डीएससी