मध्य प्रदेश में 10 तेंदुए के अवैध शिकार एवं तस्करी प्रकरण में न्यायालय में परिवाद दायर
भोपाल, 29 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में 10 तेंदुआ के अवैध शिकार और तस्करी के मामले में वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब तक तीन राज्यों से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनके खिलाफ शिवपुरी के न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है।
राज्य में अंतर्राज्यीय शिकार एवं तस्करी गिरोह के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश द्वारा निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। 30 जुलाई को एसटीएसएफ भोपाल एसटीएसएफ क्षेत्रीय इकाई शिवपुरी व वन्य-प्राणी वन मंडल कूनो एवं वन मंडल श्योपुर के संयुक्त दल द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर दो आरोपियों की निशानदेही पर वन्य-जीव तेंदुए की 42 नग हड्डियां जब्त कर वन अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा इस प्रकरण में एक संगठित गिरोह के लिप्त होने के साक्ष्य मिले हैं। अब तक कुल 10 आरोपियों, जो कि तीन अलग-अलग राज्यों हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं दिल्ली के निवासी हैं, उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। इनके पास से वन्य-जीव तेंदुए के अवयव भी भारी मात्रा में जप्त हुए हैं तथा तेंदुए के शिकार के लिए उपयोग किए जाने वाले घातक फंदे 6 नग एवं एक नग चाकू भी जब्त किया है।
इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवपुरी के समक्ष प्रकरण का परिवाद दायर किया जा चुका है। आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा दिए आदेश के तारतम्य में वाइल्ड लाइफ एसओएस के सीईओ एवं सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण विवेचना में सहयोग के लिए शिवपुरी में उपस्थित हुए, प्रकरण के विभिन्न पहलुओं पर उनसे पूछताछ जारी है।
यह प्रकरण मध्य प्रदेश शासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें लिप्त गिरोह द्वारा 10 तेंदुओं का शिकार जिला श्योपुर व मुरैना में किया गया है, जो अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र 'चीता लैण्डस्केप'' के अंतर्गत आता है।
--आईएएनएस
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