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मध्य प्रदेश में इंदौर जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो: मुख्य सचिव

 

भोपाल, 1 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में नए साल की शुरुआत होते ही प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने की कवायद तेज हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इंदौर जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने साल के पहले दिन वल्लभ भवन में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए अपेक्षा की है कि वे 'विजन 2047 विकसित भारत' में मध्य प्रदेश के योगदान के दृष्टिगत कार्य-योजना बनाकर योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव जैन द्वारा बुलाई गई बैठक में इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई घटना की खास तौर पर चर्चा हुई।

इस बैठक में उन्होंने इंदौर में हुई घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस तरह की घटनाओं की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग सक्रिय होकर राहत और बचाव कार्य अभिलंब शुरू करें। आम आदमी को कैसे तुरंत राहत प्रदान की जा सकती है, इस पर कार्य करें।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इस तरह की घटनाओं का समग्र परीक्षण और अध्ययन करें तथा ऐसी घटनाओं को भविष्य में होने से रोकने के लिए स्थानीय समाधान खोजें। उन्होंने 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के सूत्र को अपनाते हुए आम आदमी के जीवन तथा रोजगार व्यवसाय को आसान, सुगम और सरल बनाने के लिए नियम कानून में आवश्यक सुधार और बदलाव करने के लिए कहा है।

मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के आगामी तीन माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय अवधि में पूरा करें और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल यानी 2028 तक के लिए अब रोलिंग बजट होगा और सभी विभाग से अपेक्षा की जाती है कि वे अगले तीन वर्षों के लिए राज्य सरकार के गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी सशक्तिकरण के विजन को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार करेंगे और उस पर अमल करेंगे।

मुख्य सचिव जैन ने मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट और आगामी परियोजनाओं के लिए समय अवधि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट समय अवधि में पूरे होने के लिए प्रोजेक्ट टाइम मैनेजमेंट प्लान पर अमल किया जाए। आवश्यकतानुसार साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक और जरूरत पड़ने पर प्रतिदिन समीक्षा की जाए। कार्यरत एजेंसी के साथ अधिकारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।

मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागों से कहा कि वे प्रदेश में आमजन की बेहतरी के लिए योजनाओं के दृष्टिगत नवम्बर माह में शुरू किए गए एमपीई सेवा ऐप को और भी जनहितकारी बनाने के लिए समन्वय करें। बैठक में बताया गया कि विभिन्न विभागों की अब तक इस ऐप पर 500 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं। जनवरी तक नागरिकों से जुड़ी 1200 और मार्च अंत तक 1800 सेवाएं इस ऐप के माध्यम से आमजनों को दिए जाने का प्लान है।

--आईएएनएस

एसएनपी/डीकेपी