मध्य प्रदेश के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बचाए राष्ट्रीय नेतृत्व: अरुण यादव
भोपाल, 1 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में इन दिनों कांग्रेस अच्छे हाल में नहीं है और कई नेताओं में सियासी खींचतान चल रही है। इस बात पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने न केवल चिंता जताई है, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व से अपेक्षा की है कि वह कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने के लिए संगठन की एकजुटता के लिए प्रयास करें।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के वर्तमान हालात से कार्यकर्ताओं के टूटते मनोबल का जिक्र किया है। उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में आंतरिक संघर्ष और असफलताओं सहित अन्य समस्याओं से जूझ रही भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार से जब इस दौर में भी कांग्रेस पार्टी संगठन का वास्तविक निष्ठावान कार्यकर्ता वैचारिक और सतही तौर पर संघर्ष कर रहा है, उस दौर में कतिपय लोग एक मिलीजुली साजिश के तहत उन कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहे है।
अरुण यादव ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि युवाओं का जोश और पार्टी के अनुभवी नेताओं का होश मिलजुल कर ही फासीवादी विचारधारा का सामना कर पाएगा। ऐसी स्थिति में जवाबदार लोग ही अपनी व्यक्तिगत पीड़ा और वैमनस्यता पार्टी के कार्यकर्ताओं की कीमत पर भुनाने की कोशिश करेंगे तो वह समयोचित नहीं होगी।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यादव ने केंद्रीय नेतृत्व से अपेक्षा की है कि वह अपने हस्तक्षेप से संघर्षशील कार्यकर्ताओं के मनोबल को टूटने से बचाएं तथा संगठनात्मक एकता को सुदृढ़ करवाने की कृपा करें। दरअसल, राज्य में कांग्रेस की प्रदेश इकाई किसी एक मुद्दे पर सरकार और भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ने की कोशिश करती है। इसी दौरान पार्टी के दिग्गज नेताओं के ऐसे बयान आ जाते हैं, जिससे पूरी पार्टी ही मुसीबत से घिर जाती है, अभी हाल ही में उज्जैन जमीन मामले में भी ऐसा ही हुआ है।
--आईएएनएस
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